
सौसर।पिछले सात दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने क्षेत्र का मौसम तो खुशनुमा बना दिया है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ की मुख्य फसल मका,कपास और तुवर के खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब होने लगी हैं। कई जगह खेत दलदली हो गए हैं और पौधों की जड़ें सड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम ने करवट नहीं ली, तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
गाँवों के खेतों का हाल देखने पर पता चलता है कि लगातार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसान मोरेश्वर ने बताया की हर दिन हो रही बारिश से फसल पीली पड़ने लगी है,जिससे उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा। इसी तरह कपास की फसल को भी लंबे समय तक जलभराव सहन नहीं होता।
हालाँकि, लगातार वर्षा से जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कुएँ, तालाब और बोरवेल पानी से लबालब हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पीने के पानी की समस्या अब लंबे समय तक नहीं रहेगी। यही वजह है कि जहाँ किसान चिंतित हैं, वहीं आमजन राहत महसूस कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर बारिश का यही दौर जारी रहा तो फसलों का नुकसान और बढ़ सकता है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी योगेश भलावी ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करें और नमी सहन करने वाली फसलों पर ध्यान दें। प्रशासन की ओर से अभी तक नुकसान के आकलन की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है। किसानों को भरोसा है कि यदि नुकसान बढ़ा तो शासन द्वारा मुआवज़ा और बीमा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लगातार बारिश ने जहाँ जलस्रोतों को तर कर दिया है, वहीं फसलें संकट में आ गई हैं। ऐसे में किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बेहतर मौसम की उम्मीद कर रहे हैं।
