बीना विधायक की सदस्यता रद्द मामले में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

इंदौर. बीना विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल को लेकर दायर याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला इंदौर पीठ के क्षेत्राधिकार में विचारणीय नहीं है.

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रिट पिटीशन दायर कर कहा था कि कांग्रेस से निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे बीजेपी में शामिल हो गईं, लेकिन उन्होंने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया. इस आधार पर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की गई थी. सिंघार का कहना था कि उन्होंने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी भेजा, लेकिन 90 दिनों में कोई कार्रवाई न होने पर वे कोर्ट पहुंचे. हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सिंघार की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने तर्क दिए कि या तो कोर्ट निर्णय दे या विधानसभा अध्यक्ष को आदेशित करे. वहीं विधानसभा अध्यक्ष की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और विधायक निर्मला सप्रे की ओर से अधिवक्ता मनीष नायर ने पक्ष रखा. गौरतलब है कि निर्मला सप्रे 2023 में सागर जिले से कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुई थीं, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थीं.

Next Post

रेलवे चैकिंग स्टॉफ की सतर्कता से बची किशोरी 

Tue Sep 2 , 2025
इटारसी। अपने परिजनों को बिना बताए घर से भागी एक नाबालिग किशोरी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत चेकिंग स्टाफ की सतर्कता के चलते न सिर्फ अपने परिजनों के पास पहुंच गई बल्कि किशोरी गलत दिशा में जाने से भी बच गई। सहायक मुख्य टिकिट निरीक्षक सहित अन्य स्टाफ के इस सहयोग […]

You May Like