आधार कार्ड ने दस साल पहले बिछड़े बेटे को माता-पिता से मिलवाया

ग्वालियर: दस साल पहले बिछड़े बेटे सिल्वराज को देखकर तमिलनाड़ु निवासी वृद्ध दम्पत्ति की आँखें भर आईं। आधारकार्ड के माध्यम से सिल्वराज का अपने परिवार से मिलन हुआ है। डबरा कस्बे में संचालित अपना घर आश्रम ने अमित को वर्षों पूर्व आश्रय दिया था। डबरा एसडीएम दिव्यांशु चौधरी की पहल पर तमिलनाड़ु के कृष्णापुरम क्षेत्र में स्थित घर तक अमित को पहुँचाया है।

यह कहानी है तमिलनाडु निवासी सिल्वराज की, जिसे डबरा की अपना घर संस्था द्वारा प्रभुजी नाम दिया गया था। सिल्वराज जिनको 2023 मैं चूरू राजस्थान से रेस्क्यू किया गया था। प्रभुजी सिल्वराज का 2023 से अपना घर आश्रम में सेवा उपचार जारी रहा। प्रभुजी अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ थे।कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की पहल पर एसडीएम डबरा दिव्यांशु चौधरी द्वारा अपना घर आश्रम डबरा के रहवासियों बनबाये जा रहे हैं।

आधार कार्ड के माध्यम से प्रभुजी सिल्वराज के माध्यम से तमिलनाडु के घर का पता चला। आश्रम के संस्थापक श्री मनीष पाण्डेय द्वारा गूगल से जानकारी निकाली नजदीकी थाने के कृष्णापुरम मैं सम्पर्क कर परिवार से सम्पर्क किया तो प्रभुजी के माता पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बात हुई। उन्होंने बताया कि प्रभुजी सिल्वराज 10 साल से लापता हैं। उन्हें उम्मीद ही नहीं थी के बेटा जिन्दा होगा।

तमिलनाडु से डबरा की दूरी ज्यादा होने से वृद्ध दम्पत्ति अपने बेटे को लेने आने में असमर्थ थे। डबरा आश्रम द्वारा महाराष्ट्र की सुविधा फाउंडेशन मुंबई से संपर्क किया गया। श्रद्धा फाउंडेशन प्रभुजी सेवा और पुनर्वास का काम करती है। श्रद्धा फाउंडेशन की टीम डबरा आई और प्रभु जी को लेकर उनके आधार से मिले पते पर पहुंच कर परिवार से मिलन कराया।

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