
बालाघाट। अयोध्या में बने श्रीरामलला मंदिर के निर्माण में बालाघाट जिले के मलाजखंड का योगदान गौरव का विषय बन गया है। यहां स्थित हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने मंदिर निर्माण के लिए 32 टन शुद्ध तांबा उपलब्ध कराया।
एचसीएल के यूनिट हेड नागेश शेणे ने बताया कि मलाजखंड की खदानों से निकला यह तांबा 99 प्रतिशत शुद्धता वाला है, जो इलेक्ट्रो-रिफ़ाइंड कैटेगरी का धातु है। मंदिर निर्माण में उपयोग किए गए इस तांबे से 70 हजार कॉपर स्ट्रिप और 775 कॉपर वायर रॉड्स तैयार की गईं, जिनसे मंदिर के विशाल पत्थरों को जोड़ने का कार्य किया गया।
उन्होंने बताया कि तांबा एक शाश्वत धातु है, जिसकी महत्ता और उपयोगिता प्राचीन काल से रही है। श्रीरामलला मंदिर में इसका उपयोग होना बालाघाट और मलाजखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
