
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने सिवनी जिले के लखनादौन नगर परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को राज्य निर्वाचन आयोग को अग्रेषित न करने के मामले में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। एकलपीठ ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे अविश्वास प्रस्ताव के अग्रेषण संबंधी निर्देश प्राप्त करें। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की गई है।
यह मामला लखनादौन नगर परिषद के पार्षद सीता राम चौकसे की ओर से दायर किया गया है। जिसमें आरोप है कि 29 अक्टूबर 2025 को 12 पार्षदों द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को कलेक्टर सिवनी द्वारा 20 नवंबर 2025 को राज्य सरकार को भेजे जाने के बावजूद, इसे अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग को नहीं भेजा गया है। याचिका में कहा गया है कि यह संशोधित नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार का कार्य संशोधित कानून के तहत एक मात्र डाकघर (पोस्ट ऑफिस) का है, जिसे प्रस्ताव को आयोग तक पहुंचाना है। निष्क्रियता कानूनी कर्तव्य की स्पष्ट अवहेलना है। याचिका में आरोप है कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने प्रस्ताव आयोग को नहीं भेजा है, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया अवरुद्ध हो गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि देवरी नगर पालिका के समान मामले में त्वरित कार्रवाई की गई, जबकि उक्त मामले में भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, आनंद शुक्ला, विनीत टेहेनगुनिया, शुभम पाटकर पैरवी कर रहे हैं।
