जबलपुर: रविवार रात्रि मौसम का मिजाज बदल गया। गर्जन के साथ मेघा बरसे। रिमझिम बारिश से शहर की सडक़े भींग गई। हालांकि सुबह से मौसम की रंगत बदली रही। सूर्यदेव ने दर्शन दिए और दिनभर सूरज तमतमाये रहे दिन में बीच बीच में सूरज और बादलों के बीच आंख मिचौली का खेल भी चला। रात में मौसम का मिजाज बदला और तेज हवाएं चलने लगी इसके बाद बदरा बरस पड़े। मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा 968.7 मिमी पर पहुंच गया है।
मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में, मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, अजमेर, गुना, दमोह, रायपुर, पुरी से होकर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। मानसून की द्रोणिका उपरोक्त अंतर्निहित चक्रवाती परिसंचरणों से गुजरते हुए 0.9 किमी तक फैली हुई है। 2 सितंबरके आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
