
नारायणगंज। नेशनल हाईवे से लगे ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई थी। इन पशुओं के कारण जहाँ किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुँच रहा था, वहीं रात के समय सड़क पर झुंड लग जाने से सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की आशंका लगातार बनी रहती थी।
इस गंभीर समस्या को लेकर जनपद पंचायत नारायणगंज के उपाध्यक्ष अभिनाश शर्मा ने 25 अगस्त 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तुरंत 26 अगस्त को आदेश जारी कर पड़रिया, पटेहरा, मैली, खैरी, देवरी, कुम्हा, कूड़ामैली, भावल, चिरईडोंगरी और कोंडरामाल ग्राम पंचायतों को सख्त निर्देश दिए कि आवारा पशुओं को पकड़कर नजदीकी गौशाला में पहुँचाया जाए।
निर्देशों के अनुपालन में ग्राम पंचायत पटेहरा ने सरपंच कालीचरण मार्को के नेतृत्व में बड़ी कार्यवाही की। पंचायत टीम ने हाईवे क्षेत्र से 19 पशुओं को पकड़ा। इनमें से 13 पशुओं के मालिकों की पहचान कर उनसे 500-500 रुपए का जुर्माना वसूला गया तथा उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पशु मालिकों को विधिवत रसीदें भी प्रदान की गईं। वहीं, जिन पशुओं का मालिक सामने नहीं आया, उन 6 मवेशियों को फूलसागर स्थित गौशाला में सुरक्षित पहुँचा दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। यदि अन्य ग्राम पंचायतें भी समय रहते सक्रिय नहीं हुईं तो उन पर भी इसी प्रकार की कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल हानि से बचाना और आमजन को सड़कों पर संभावित दुर्घटनाओं से सुरक्षा प्रदान करना है।
