बीएसएफ और बीजीबी सीमा पार अपराध रोकने के लिए मिलकर उठायेंगे कदम

नयी दिल्ली 28 अगस्त (वार्ता) सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने सीमा पर समन्वित गश्त और सतर्कता बढाने तथा एहतियाती उपाय अपनाकर सीमा पार अपराध रोकने के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की है।

सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच ढाका में चार दिन तक चले महानिदेशक स्तर के 56 वें सम्मेलन के गुरुवार को समापन सत्र के दौरान यह सहमति बनी।

सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी और बंगलादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजीबी के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी ने किया।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को स्वीकार किया और समन्वित गश्त बढ़ाने, सतर्कता बढ़ाने तथा एहतियाती उपाय अपनाकर सीमा पार अपराध रोकने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष जन जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ करके, संवेदनशील क्षेत्रों में उपयुक्त सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रम चलाकर सीमावर्ती आबादी को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के बारे में शिक्षित करने और सीमा पार अपराध की घटनाओं को कम करने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर भी सहमत हुए।

उन्होंने नशीले पदार्थों, आग्नेयास्त्रों, नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन), सोना जैसे अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के खतरे को रोकने में समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के महत्व पर प्रकाश डाला और वास्तविक समय की जानकारी साझा करने और सक्रिय तस्करी विरोधी प्रयासों के माध्यम से तस्करी को रोकने के लिए सतर्क और दृढ़ रहने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने सीमावर्ती लोगों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के उल्लंघन, अवैध पारगमन, घुसपैठ, तस्करी, मानव तस्करी, बॉर्डर पिलर को उखाड़ने और अन्य सीमा पार अपराधों से बचने के लिए जागरूक करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों सीमा प्रहरियों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 150 गज के भीतर लंबित विकास कार्यों के लिए सहमति के वास्ते संबंधित उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत करने पर पारस्परिक सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष आपसी सहमति के आधार पर और बिना किसी अनावश्यक बाधा के, संयुक्त नदी आयोग द्वारा अनुमोदित, साझा सीमावर्ती नदियों के तट-संरक्षण कार्यों को सुगम बनाने पर भी सहमत हुए। सीमा सुरक्षा बल ने एसआरएफ जिसकी डिफेन्स की क्षमता नहीं है, के शीघ्र निर्माण के एजेंडे पर ज़ोर दिया, जो सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने और उन्हें रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय साबित होगा। दोनों पक्ष सिंगल फेंस लगाते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर सहमत हुए।

उन्होंने सीमापार उग्रवादी समूहों और संदिग्ध शिविरों के संबंध में कठोर कार्रवाई करने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों देशों के बीच यह वार्ता साल में दो बार , एक बार बंगलादेश और एक बार भारत में होती है। वार्ता के माध्यम से दोनों सीमा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन में सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करते हैं। पिछला महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन इसी वर्ष 17 से 20 फरवरी तक राजधानी दिल्ली में हुआ था। अगला सम्मेलन अगले वर्ष मार्च में दिल्ली में होगा।

 

 

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