
इटारसी। टाइगर शिकार मामले की जांच कर रहे वन विभाग पर अब ग्रामीणों से ज्यादती के आरोप लगने लगे हैं। ग्राम बारधा निवासी अजय लविस्कर कोरकू (42) ने केसला पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि वन अधिकारियों ने उन्हें जबरन हिरासत में लेकर मारपीट, गाली-गलौज और धमकाने जैसी हरकतें कीं।
अजय का कहना है कि 26 अगस्त की दोपहर वे गांव की दुकान पर बैठे थे, तभी वन विभाग की टीम आई और पूछताछ के बहाने जबरन हिरन चापड़ा कार्यालय ले गई। वहां अधिकारियों ने उनसे टाइगर शिकार के बारे में पूछताछ की और दबाव बनाते हुए कहा कि सही जानकारी देने पर सरकारी व निजी मिलाकर 46 हजार रुपए दिए जाएंगे। जानकारी न होने की बात कहने पर उन्हें दंड बैठक लगाने को मजबूर किया गया और बांस के डंडों से पीटा गया।
पीड़ित के अनुसार, शाम तक हिरासत में रखने के बाद वन विभाग की गाड़ी से उन्हें घर छोड़ा गया। इसके बाद उन्होंने इलाज कराया और केसला थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश और भय का माहौल है।
वन विभाग सूत्रों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शेर का शिकार हुआ है और जांच के तहत पूछताछ की जा रही है। वहीं केसला थाना प्रभारी उमाशंकर यादव ने बताया कि युवक ने पुलिस के सामने मारपीट से इनकार किया है और वन विभाग अपने स्तर पर जांच कर रहा है।
