नयी दिल्ली, 28 अगस्त (वार्ता) भारत निर्वाचन आयोग के दिशा- निर्देशों के तहत मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत एक अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि एक सितंबर निर्धारित की गयी है।
आयोग को एक अगस्त से 27 अगस्त तक मतदाताओं से सीधे 1,78,948 दावे प्राप्त हुए जिनमें से एक सप्ताह के भीतर 20,702 आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है। आयोग ने मसौदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के दावे और आपत्तियों के लिए अंतिम तिथि एक सितंबर निर्धारित की है।
आयोग ने मसौदा मतदाता सूची को प्रकाशित किया है और मसौदा मतदाता सूची की प्रति बिहार के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दी गई है ताकि राजनीतिक दल इसकी गहन जाँच कर सकें और यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मसौदा मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है, तो वे संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष दावे और आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। आयेाग ने दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने की अंतिम तिथि एक सितंबर निर्धारित की की है।
आयोग के निर्देशों के अनुसार, त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने के लिए पूरे बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जा रहा है। आयोग के बुधवार के दैनिक बुलेटिन के अनुसार केवल एक राज्य राजनीतिक दल अर्थात् भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन) द्वारा कल तक चुनाव आयोग के समक्ष केवल 53 दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराई गई हैं, जिनमें से सभी दावों और आपत्तियों का निर्धारित समय के भीतर निपटारा कर दिया गया है।
बुलेटिन के अनुसार मतदाताओं से सीधे 1,78,948 दावे और आपत्तियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें से 20,702 का निपटारा निर्धारित समय अवधि कर दिया गया है। राज्य में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग वाले नए मतदाताओं से 6,35,124 फार्म प्राप्त हुए है और सात दिनों के भीतर 27,825 फॉर्म का निपटारा किया जा चुका है

