नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया है, जिसमें लिखा कि भारत की ताक़त उसके खेतों में है, भारत की गति उसके गाँवों में है, भारत का आत्मविश्वास किसान के श्रम में है। आज हमारे अन्न के भंडार भरे हैं, हम अपनी जरूरतें पूरी करने में तो सक्षम हैं ही, विश्व का ‘फूड बास्केट’ भी बन रहे हैं। गेहूं और मक्का का रिकॉर्ड उत्पादन सिर्फ आँकड़ा नहीं है, किसानों के परिश्रम की विजय है। हम केवल उत्पादन नहीं कर रहे, हम दुनिया को यह बता रहे हैं कि भारतीय किसान आने वाले युग का नेतृत्व करने को तैयार है। गाँव की हमारी बहनें, लखपति दीदी के रूप में अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं। उनके हाथों में आत्मनिर्भरता का स्वप्न है, उनके श्रम में समृद्धि का संकल्प है। उनके सामर्थ्य से गाँव नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बन रहे हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं, हम बदल रहे हैं, हम संकल्प से सिद्धि की ओर जा रहे हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस पोस्ट को अमेरिका के 50% टैरिफ से जोड़कर देखा जा रहा है।
दूसरी पोस्ट में शिवराज ने लिखा- भारत सक्षम है, आत्मविश्वास से भरा है। ज़िंदगी को वही गढ़ते हैं, जो शिलाएँ तोड़ने का साहस रखते हैं। आज का भारत वही है, जो चुनौतियों को अवसर में बदलना जानता है, जो कठिनाइयों से जूझकर और निखरता है। आज का भारत आत्मविश्वास से भरा है, आज का भारत सक्षम है, आज का भारत अपना रास्ता खुद बनाना जानता है। हम आगे बढ़ रहे हैं, और भी तेज़ी से आगे बढ़ेंगे। रास्ते की कोई भी रुकावट इतनी बड़ी नहीं कि हमें रोक सके। भारत ने विज्ञान में नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। चंद्रयान-3 ने चाँद पर कदम रखा, आदित्य-एल1 सूर्य का रहस्य जान रहा है। हमारी गगनयान यात्रा सितारों की ओर उड़ान भरने को तैयार है। भारत कृषि में नए प्रयोग कर रहा है, डिजिटल भुगतान में दुनिया को राह दिखा रहा है, स्टार्टअप और नवाचार से युवाओं का आत्मविश्वास बुलंद कर रहा है। खेती में किसान का परिश्रम, सीमा पर जवान का शौर्य, प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक का ज्ञान, और कारखानों निर्माण स्थलों पर श्रमिकों का पसीना इन्हीं के बल पर नया भारत आकार ले रहा है। खेलों में भारत का परचम लहरा रहा है, ओलंपिक और विश्व प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ी स्वर्णिम अध्याय लिख रहे हैं। विश्व मंच पर भारत की आवाज बुलंद है। G20 की अध्यक्षता से लेकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के मंत्र तक भारत पूरी दुनिया को जोड़ने वाला पुल बन चुका है। हर क्षेत्र में भारत अपनी क्षमता साबित कर रहा है। यह नया भारत है, जो सपने भी देखता है, और उन्हें साकार करना भी जानता है।
