
सीधी। महिलाओं ने आज पति के दीर्घायु के लिए हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखा। भगवान शिव के जैसा वर पाने की कामना के लिए युवतियों ने भी पूरी आस्था के साथ व्रत रखा। मंगलवार को ब्रम्ह मुहूर्त में महिलाओं ने नदी, तालाब आदि पवित्र जलाशयों में स्नान कर शिव मंदिरों में पूजा अर्चना की।
प्रसिद्ध शिव मंदिरों में महिलाएं काफी संख्या में पहुंची। दिन भर निर्जला व्रत रखकर व्रतियों ने रात्रि जागरण भी किया। शहर से लेकर गांवों तक शिव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा। शहर समेत जिले भर में शिव मंदिरों में व्रती अखण्ड सौभाग्यवती की कामना लेकर पूजन किया। दूसरे दिन यानी बुधवार की सुबह शिव परिवार की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही यह व्रत समाप्त किया जायेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित रेवतीरमण तिवारी ने बताया कि इस व्रत का खास महत्व है। मान्यता है कि भगवान शिव जैसा वर पाने के लिए युवतियां इस व्रत को रखती हैं। वहीं सुहागिनी अखण्ड सौभाग्यवती की कामना के लिए व्रत का पालन करती हैं। श्री तिवारी ने बताया कि रात्रि जागरण का खास महत्व होता है। 24 घंटे तक लगातार निर्जला व्रत रखने के बाद शिव परिवार की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद यह व्रत समाप्त हो जाता है। विवाहित महिलाएं भगवान शिव व पार्वती का पूजन किया।
मान्यता यह है कि भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने यह व्रत किया था। तभी से यह व्रत प्रचलन में आ गया। इस व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश और नंदी की मूर्तियों की पूजा की जाती है। शनिवार को शिव परिवार के कच्ची मूर्तियों के विसर्जन के बाद व्रत पूरा होगा। हिन्दू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का महत्व बहुत अधिक माना जाता हैं। महिलाओं द्वारा उनके पति की लम्बी आयु के लिए इस व्रत का रखा जाता हैं। कई शिव मंदिरों को तीज व्रत में पूजा अर्चना के लिए खासतौर पर सजाया गया था। उधर हरतालिका तीज को लेकर बाजार में कई दिनों से रौनक रही। व्रत रहने वाली महिलाएं कई दिनों तक आवश्यक सामग्रियों की खरीदी में व्यस्त रहीं। वहीं आज भी पूजा सामग्री की खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से चलता रहा। जिले भर में हरतालिका व्रत के चलते बाजारों में ग्राहकों की काफी भीड़ कई दिनों तक रहने से व्यापारियों में भी काफी उत्साह देखा गया।
घरों में बने लजीज व्यंजन
हरतालिका तीज के त्यौहार को प्राचीन समय से धूमधाम के साथ मनाया जाता है। महिलाएं जहां सुहाग के दीर्घायु की कामना को लेकर दिन भर निर्जला व्रत रहती हैं वहीं घर में तरह-तरह के लजीज व्यंजन एवं पकवान भी बनाए जाते हैं। सीधी जिले में हरतालिका तीज के अवसर पर लोग अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार व्यंजन एवं पकवान घरों में बनवाते हैं। महिलाएं भले ही दिन भर निर्जला व्रत रहती हों लेकिन घर के अन्य सदस्यों के लिए लजीज व्यंजन एवं पकवान परोसकर उनकी खातिरदारी में कोई कमी नहीं छोंड़ती। हरतालिका तीज के त्यौहार पर गरीब से गरीब लोग भी अपनी क्षमता के अनुसार व्यवस्थाएं बनाते हैं जिसमें कपड़ा, पूजन सामग्री के साथ ही व्यंजन एवं पकवान बनाने की सामग्री शामिल रहती है। शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हरतालिका तीज का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
