जबलपुर: पत्नियां पतियों और मायके पक्ष से प्रताडि़त होकर आत्महत्या कर रही हैं ये घटनाएं सुखिर्यों में बनी रहती हैं लेकिन बदलते दौर मेें अब पति भी पत्नीयों और ससुराल पक्ष की प्रताडऩा से तंग आकर सुसाइड करने लगे हैं। अगर बीते कुछ माह में हुए मामलों पर नजर दौड़ाई जाएं तो घटनाएं चौंकाने वाली है जो इस बात की गवाही दे रही हैं कि अब पुरूष भी घरेलू हिंसा और मानिसक, शारीरिक रूप से प्रताडि़त हो रहे हैं.
कुछ चुप रह जाते है तो कुछ आत्मघाती कदम उठाने मजदूर है। हाल ही में हुए कुछ मामलों ने झकझोर कर रख दिया है। कई पति, पत्नियोंं से मानसिक रूप से परेशान होकर मौत को गले लगा रहे हैं। कई ऐसे भी मामले सामने आ चुके जिसमें महिलाओं द्वारा पतियों को झूठे आरोपों में फंसा गया जिसके चलते घर भी टूट रहे है।
केस 1
15 मई 25 को अरूण दुबे 40 वर्ष निवासी सूखा माढ़ोताल को तीन साले राकेश, दिनेश, सौरभ एवं सास रेखा केशरवानी, पत्नी प्रिया केशरवानी 20 लाख रूपये मकान बनाने के लिए लाने बोलकर परेशान शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडि़त करते थे जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली थी।
केस 2
कार्तिक पटैल 25 वर्ष को पत्नी करिश्मा पटैल, करिशमा के मायके पक्ष के सीताराम पटैल, साहिल पटेल, रामलाल पटेल, ने इतना प्रताडि़त किया की वह बर्दाश्त नहीं कर पाया। प्रताडऩा, मारपीट, अपमानित होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। 15 अगस्त को जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था।
केस 3
28 जून को घमापुर निवासी मयंक शर्मा ने फांसी लगाई थी। मृतक ने पत्नी के अफेयर का जिक्र सुसाइड नोट मेंं किया था। जब उसने विरोध किया तो पत्नी ने मयंक और उसके परिवार पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया था। जिससे वह परेशान था।
