ग्वालियर: ग्वालियर चंबल में लगातार बारिश का सिलसिला बना हुआ है. लोगों का जनजीवन अस्त – व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ग्वालियर में आज सोमवार सुबह तक इस मानसून सीजन में 1204 एमएम बारिश हो चुकी है. सितंबर में भी अगर अनुमान के अनुसार बारिश होती है, तो यह आंकड़ा 1400 मिलीमीटर तक पहुंचने की संभावना है. जबकि, ग्वालियर का सालाना कोटा महज 510.1 मिलीमीटर है. अब तक 1203.8 एमएम बारिश हो चुकी है, जो कोटे से 236 प्रतिशत ज्यादा है. लगातार बारिश के कारण ग्वालियर की स्वर्ण रेखा नदी एवं नाले उफान पर आ गए हैं।
अगस्त 2025 में ग्वालियर में बारिश कोटे से कम हुई. लेकिन, शुरुआती मानसून में ही अच्छी बारिश से ग्वालियर का कोटा पूरा हो चुका है. आंकड़ों की मानें, तो पिछले साल 2024 में भी 1197.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी. लेकिन, यह आंकड़ा पूरे साल का है. जबकि, इस बार का आंकड़ा सिर्फ मानसून सीजन का है. शनिवार से फिर शुरू हुई बरसात के कारण नदी, नाले फिर से उफान मारने लगे है.
मणिखेड़ा हरसी और अपर ककेटो बांध से आज सुबह फिर पानी छोड़ना पड़ा इससे शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया और भिंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. इसके लिए इन्हें अलर्ट किया गया है. तिघरा बांध के गेट फिर खोले गए हैं, क्योंकि बांध में पानी खतरे के निशान को छू रहा था. इससे मुरैना जिले के कुछ गांव पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.
