हण्डिया:नर्मदा के प्रसिद्ध रिद्वेशवर घाट व सिद्धनाथ, कामाख्या धाम, घाटों पर शनिचरी व पोला अमावस्या के अवसर पर हजारों की सऺख्या में नर्मदा के पवित्र जल में हजारों ने लगाई आस्था कि डुबकी वही नर्मदा के प्राचीन शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का ताॅता लगा रहा। कुबेर द्वारा स्थापित रिद्वनाथ मन्दिर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस होमगार्ड के जवान,एनडीआरएफ, सतत् मोटर वोट से नर्मदा किनारे पर श्रद्धालुओं कि सुरक्षा में लगे रहे। नर्मदा घाटों पर स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा महिलाओं के कपड़े चेंजिंग के लिए टेन्ट कि व्यवस्था की गई।
पोला शनिचरीअमावस्या के ठीक एक दिन पूर्व से ही पैदल नर्मदा भक्त अपने हाथों में लाल सफेद रंग की ध्वजा लिए नर्मदा मैया के तट पर आने लगे थे। साऺझ को सभी भक्तों ने माॅ नर्मदा मैया की सऺध्या सामुहिक आरती में शामिल हुए।सिद्धनाथ मन्दिर के पण्डित मनमोहन जी व्यास ने बताया है कि पोला अमावस्या एवं शनिचरी अमावस्या के इस अद्भूभूत योग से विशेष फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन नर्मदा में स्नान करने से समस्त प्रकार के पापों का नाश होता है।
