ग्वालियर: त्यौहारों पर प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरे को रोकने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने आदेश जारी किया है कि जिले में प्रतिमाओं का निर्माण व बिक्री केवल परंपरागत मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से ही की जाएगी। पीओपी, पकी मिट्टी और रसायनिक पदार्थों से बनी प्रतिमाओं का निर्माण, परिवहन और विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
आदेश में कहा गया है कि बड़े आकार की मूर्तियों से धार्मिक आयोजनों में बाधा और भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना रहती है, इसलिए छोटे आकार की प्रतिमाओं को ही प्राथमिकता दी जाए। मूर्तियों की सजावट में केवल प्राकृतिक व गैर-विषाक्त रंगों का ही प्रयोग अनिवार्य होगा। साथ ही, विसर्जन केवल सीपीसीबी गाइडलाइन अनुसार चिन्हित स्थलों पर ही किया जाएगा।
विसर्जन के 24 घंटे के भीतर मूर्तियों से निकले ठोस अवशेषों का निपटान भी स्थानीय निकाय द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा। हर वर्ष ऐसे आदेश जारी होते हैं, लेकिन अक्सर ज़मीनी स्तर पर इनका उल्लंघन देखने को मिलता है। यह न केवल पर्यावरण व जलाशयों को प्रदूषित करता है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित होता है। इस बार प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
