
बागली। विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 20 इंच वर्षा कम हो पाई है जबकि मानसून का आधा समय निकल चुका है। ऐसी स्थिति में किसानों को आगामी फसल तो दूर की बात वर्तमान फसल की चिंता सताने लगी थी। लेकिन विगत तीन दिनों से पूरे क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण किसानों के चेहरे खिल गए हैं और वह फसलों के लिए इस बारिश के गिरने से बेहतर उत्पादन की बात कर रहे हैं। वर्तमान में सोयाबीन फसल फूल एवं फली आने वाली स्थिति में आ गई है। इसलिए पानी की लंबी खिंच से किसान चिंतित हो रहे थे। अगर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक अशोक कुमार दीक्षित अल्प यात्रा पर बागली क्षेत्र में आए उन्होंने फसलों को देखकर कहा कि संकट की घड़ी अब टल चुकी है सप्ताह भर में सभी सोयाबीन फसलों में फली आने लग जाएगी। हालांकि मानसून की अभी भी तकरार है विगत वर्ष की तुलना में मालवा क्षेत्र में 20 इंच वर्षा कम बताई जा रही है अगस्त के दूसरे सप्ताह में विगत वर्ष 35 इंच बारिश हो चुकी थी। जो वर्तमान में 12 से 13 इंच ही हो पाई है। वरिष्ठ किसान बता रहे हैं कि वर्तमान में हो रही बारिश फसलों के लिए अमृत वर्षा के समान है। अभी तक नदी नाले बहने नहीं लगे हैं। जिसके चलते आगामी फसलों की भी चिंता हो रही है।
