बर्खास्तगी का आदेश निरस्त

दैवेभो कर्मी को राहत
जबलपुर: हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की बर्खास्तगी को अनुचित पाकर निरस्त कर दिया। इसी के साथ पूर्व की भांति सेवा में लेने के निर्देश दे दिए। याचिकाकर्ता बालाघाट निवासी नर्मदा प्रसाद शिव व प्रमित नाग की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र कुमार शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता नगर पालिका परिषद, मलाजखंड, बालाघाट में कचरे वाली गाड़ी को चलाने का कार्य करते थे।

वे विगत आठ वर्ष से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण कर रहे थे। संयुक्त संचालक, जबलपुर संभाग ने पत्र जारी कर संभाग के सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सितंबर, 2016 के बाद नियुक्त सभी दैवेभो की सेवा समाप्त कर दी जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो मुख्य नगर पालिका के वेतन से कटौती की जाएगी। इसीलिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं सहित 40 दैवेभो की सेवाएं समाप्त कर दीं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आठ वर्ष की सेवा के बाद नियमित करने के स्थान पर नौकरी छीनना अनुचित है। यह रवैया नैसर्गिक न्याय सिद्धांत के विपरीत है। हाई कोर्ट ने तर्क से सहमत होकर बर्खास्तगी निरस्त कर दी।

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