खनिज अधिकारी के निलंबन पर रोक

शहडोल: शहडोल के बहुचर्चित निलंबन आदेश मे रोक लगाते हुए हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश में कहा की राज्य शासन की स्थानांतरण पॉलिसी में ट्राईबल एरिया से नान ट्राईबल एरिया में स्थानांतरित अधिकारी को रिलीवर आने तक
रिलीव ना करने के प्रावधान हैं। कलेक्टर शहडोल ने भी अपना अभिमत दिया था की खनिज अधिकारी को रिलीवर ना आने के कारण रिलीव नहीं किया गया।

गंभीर आरोपों में ही होना चाहिए निलंबन
निलंबन आदेश इस प्रकार की छोटी-मोटी गलतियों पर नहीं जारी किया जा सकता है। गंभीर किस्म की गलतियों एवं आरोप में ही सक्षम प्राधिकारी किसी कर्मचारी को निलंबित करने के अधिकार का उपयोग कर सकते हैं। निलंबन से कर्मचारी की छवि खराब होती है, माना कि यह कर्मचारी को एक स्थाई क्षति नहीं है किंतु फिर भी निलंबन आदेश तभी जारी किया जाना चाहिए जब विभागीय जांच कर्मचारी के विरुद्ध हो या किसी गंभीर किस्म का अनुचित आचरण कर्मचारी के द्वारा किया गया हो। ज्ञात हो कि फरहत जहां, खनिज अधिकारी का स्थानांतरण 1 वर्ष पूर्व हुआ था, जिन्हें रिलीव न होने के कारण निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की जिस पर
न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी करते हुए कहा कि ऐसी छोटी-मोटी गलतियों पर निलंबन आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही प्रमुख सचिव खनिज, डायरेक्टर माइनिंग एवं अन्य को नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया है।

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