इंदौर: स्वच्छता में देश का नेतृत्व कर चुके इंदौर ने अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. शहर को डायबिटीज और मोटापे से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ बुधवार को ऐतिहासिक जनस्वास्थ्य अभियान ‘इंदौर जिद्दी है’ की शुरुआत हुई. हेल्थ ऑफ भारत फाउंडेशन की पहल पर शुरू हुए इस अभियान में शहर के डॉक्टर, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मिलकर काम करेंगे.
कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने किया. इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, हेल्थ ऑफ भारत फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल और सचिव डॉ. विनीता कोठारी मंच पर मौजूद थे. इस दौरान उपमुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा कि अगर किसी को बीमार ही न पड़ने दिया जाए, तो इससे बेहतर सोच कोई नहीं हो सकती. उन्होंने इस अभियान को देशभर के लिए प्रेरणास्पद मॉडल बताते हुए कहा कि इंदौर अब प्रिवेंटिव हेल्थ केयर में भी मिसाल बनेगा.
वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता में चमत्कार कर दिखाया, अब स्वास्थ्य में भी नवाचार करेगा. उन्होंने नागरिकों से घर का बना खाना प्राथमिकता देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की. जबकि सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर को लगातार आठ साल स्वच्छ रखना हमारी जिद थी, अब वही जिद स्वास्थ्य को लेकर होगी. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर विज़न से प्रेरित है. इस मौके पर डॉ. अरुण अग्रवाल ने कहा कि डायबिटीज और मोटापा कई गंभीर बीमारियों की जड़ हैं, इसलिए समय रहते रोकथाम जरूरी है.
डॉ. विनीता कोठारी ने बताया कि इस बार जांच में बॉडी कंपोज़िशन एनालाइज़र मशीन से आंतरिक चर्बी की भी जांच होगी. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जैसे इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है, वैसे ही स्वास्थ्य में भी नंबर वन बनेगा. अभियान समन्वयक गोपाल गोयल ने इसे जन-आंदोलन बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने की अपील की. कार्यक्रम में डॉक्टर भारत साबू, डॉक्टर संदीप जुल्का, डॉक्टर भरत रावत, नितीन अग्रवाल, पंकज अग्रवाल समेत शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे.
