सोमनाथ मंदिर में मनाया जा रहा है वंदे सोमनाथ महोत्सव

सोमनाथ 13 अगस्त (वार्ता) गुजराती पवित्र श्रावण (सावन) मास के दौरान गुजरात के सोमनाथ मंदिर परिसर में ”वंदे सोमनाथ” महोत्सव मनाया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर के जनरल मैनेजर विजय भाई चावड़ा ने यूनीवार्ता को बुधवार को बताया कि सोमनाथ तीर्थ में कला और भक्ति के अद्भुत संगम ‘वंदे सोमनाथ’ महोत्सव के माध्यम से नृत्य द्वारा भगवान शिव की श्रावण मास के दौरान आराधना की जा रही है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है, जो गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है।

श्री चावडा ने बताया कि ”वंदे सोमनाथ” महोत्सव में नृत्य के माध्यम से नटराज शिव की आराधना श्रावण मास के हर सोमवार को संध्या समय मंदिर परिसर में भारतीय नृत्यकला की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दी जा रहीं हैं। ”वंदे सोमनाथ” की अगली और अंतिम कड़ी 18 अगस्त को प्रस्तुत की जाएगी।

इस महोत्सव के अंतर्गत श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा तैयार किए गए तीन विशेष मंचों पर गायन, वादन और प्रकाश व्यवस्था के साथ भारत की विभिन्न नृत्य शैलियों के विशेषज्ञ कलाकारों द्वारा क्रमबद्ध प्रस्तुतियाँ दी जाती हैं। इसके माध्यम से भक्ति और कला का अद्वितीय प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। सोमनाथ में प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ-साथ ये सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों की भक्ति को एक उच्च अनुभूति प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के मार्गदर्शन में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में पहले सोमनाथ तीर्थ का सांस्कृतिक पुनर्प्रतिष्ठान एक नई चेतना का संचार कर रहा है।

श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप भारत के तीर्थों और मंदिरों की आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गरिमा को भी पुनः स्थापित करना है। इस महोत्सव में गुजरात सरकार के पर्यटन विभाग का भी सक्रिय सहयोग मिल रहा है।

पूरे भारत के लोग श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ ‘वंदे सोमनाथ’ महोत्सव में भी भाग ले सकें, इसके लिए इस महोत्सव की शुरुआत 14 जुलाई से की गई थी।

गिर सोमनाथ ज़िले के कलेक्टर एन.वी. उपाध्याय द्वारा दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया था। इसके बाद 21 और 28 जुलाई तथा चार और 11 अगस्त को यानी श्रावण महीने के प्रत्येक सोमवार को इस महोत्सव के अंतर्गत भक्ति से भरपूर कलात्मक प्रस्तुतियाँ दी गई हैं। इस महोत्सव की अगली और अंतिम कड़ी 18 अगस्त को प्रस्तुत की जाएगी। भगवान महादेव के समक्ष कला प्रस्तुत करने वाले कलाकारों को सोमनाथ ट्रस्ट और प्रशासनिक तंत्र द्वारा सोमनाथ महादेव का प्रसाद, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाता है।

हर सोमवार को प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रम में देश भर की विभिन्न नृत्य अकादमियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। गुजरात के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा आदि राज्यों के कलाकार भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी आदि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं। इस प्रकार, नृत्य के माध्यम से नटराज शिव की आराधना की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निरंतर मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष सोमनाथ में श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट रेल और बस नेटवर्क, न्यूनतम दरों पर उत्तम आवास, और नि:शुल्क भोजन-प्रसाद के साथ आदरयुक्त दर्शन और प्रेमपूर्ण आतिथ्य का विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो रहा है।

 

 

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