
मंदसौर। कलेक्टर अदिती गर्ग की अध्यक्षता में केंद्रीय व राज्य स्वास्थ्य दलों की संयुक्त बैठक में गुइलैन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) पर चर्चा हुई। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली नसों पर हमला कर मांसपेशियों की कमजोरी व पक्षाघात पैदा करती है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य व पीएचई विभाग को गांव-गांव सर्वे, पानी-खाद्य स्रोतों की जांच, क्लोरीन टैबलेट वितरण और जनजागरूकता के निर्देश दिए। मुल्तानपुरा, भूनिया खेड़ी, संजीत नाके क्षेत्रों में पानी व अन्य पदार्थों की नियमित जांच, सेनीटाइजेशन और संदिग्ध मामलों की ब्लड सैंपल जांच की जा रही है। दलों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सर्वे किया और लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी।
