“”स्थिरता यहां टिकने के लिए है, वरना हम शायद न रहें.”
“नियाल फिट्जगेराल्ड, यूनिलीवर के पूर्व सीईओ
केयरनी की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट के अनुसार, 69% सीएफओ का मानना है कि टिकाऊ निवेश के माध्यमों में निवेश पर पारंपरिक निवेश की तुलना में अधिक रिटर्न मिलेगा। ईएसजी (पर्यावरण, सोशल और गवर्नेंस) अब वैकल्पिक नहीं है—यह जिम्मेदार और भविष्य पर केंद्रित व्यवसायों के लिए मार्गदर्शक शक्ति है। बैलेंस शीट अब सफलता की आधी कहानी है। सही मायनों में सफलता के लिए अब ईएसजी के प्रति ठोस प्रतिबद्धता जरूरी है। यह कॉर्पोरेट रणनीति में बड़े बदलाव की मांग करता है। नई रणनीति हमारे बदलते हुए विश्व के अनुरूप हो। आज की दुनिया लगातार बदल रही है। यह बदलावऔर यह आधुनिक वर्कप्लेस में विशेष रूप से दिखाई देता है। जहां भूमिकाएं ग्लोबल मांगों के अनुसार ढल रहीं हैं। ऐसी ही एक भूमिका है सीएफओ की। जो नाटकीय रूप से बदल गई है।
पहले जहां सीएफओ केवल फाइनेंशियल सत्यनिष्ठा के रक्षक थे। आज वे फाइनेंशियल रणनीति और स्थिरता के संगम पर काम करते हैं। दुनिया अब जवाबदेही और मजबूती की डिमांड कर रही है। ऐसे में आधुनिक सीएफओ को इस नए परिदृश्य में मौद्रिक विशेषज्ञता को स्थिरता के साथ जोड़ना होगा।
संख्याओं से अलग
आज के सीएफओ कॉर्पोरेट ग्रोथ के चैंपियन हैं। वे संस्थान के लक्ष्यों को कंपनी के हिस्सेधारकों की उम्मीदों के साथ जोड़ते हैं। निवेशक उन व्यवसायों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो लंबी अवधि तक तक वैल्यू बनाते हैं। इसकी तुलना में उपभोक्ता उन ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो नैतिक और पर्यावरण के प्रति जवाबदेह हैं। माइक्रोसॉफ्ट इसका एक प्रमुख उदाहरण है। कंपनी 2030 तक कार्बन नेगेटिव होने के प्रतिबद्ध है। माइक्रोसॉफ्ट अपनी परिचालन दक्षता बढ़ाने को ईसीजी सिद्धातों से जोड़ रखा है। यह इस बात का प्रमाण है कि सीएफओ कंपनी के मूल्यों और रणनीति को आकार देने में कितना महत्वपूर्ण है। मेरे दिल के करीब जो उद्योग है, वह है बीमा। वह इस बदलाव का मजबूत प्रमाण देता है। दुनियाभर की 70% बीमा कंपनियां क्लाइमेट रिस्क को अपनी रणनीतियों में शामिल कर रही हैं। इससे ईएसजी अब एक विशाललक्ष्य नहीं, बल्कि व्यवसाय की जरूरत बन गया है।
क्लाइमेट चेंज – एक नई निश्चितता
बीमा कंपनियाां जीवन की निश्चितताएं जैसे शिक्षा, रिटायरमेंट और प्रोटेक्शन सुनिश्चित करती हैं। एक सीएफओ भी वित्तीय निश्चितताओं को सुनिश्चित करते हैं। आज के सीएफओ स्थिरता को वित्तीय सेहत से जोड़कर संगठन की सफलता सुनिश्चित करते हैं। यह हितधारकों की त्रिकोणीय उम्मीदों से आता है। निवेशक उन कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं जो मजबूत और स्थायी हैं। उपभोक्ता नैतिक और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कारोबारों को ब्रांड निष्ठा और बाजार हिस्सेदारी से पुरस्कृत करते हैं। कर्मचारी, खासकर युवा पीढ़ी, सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को महत्व देते हैं। जिससे प्रतिभा आकर्षण और रिटेंशन बढ़ता है। “मैटल” कंपनी इसका एक शानदार उदाहरण है। कंपनी की ईएसजी योजनाएं स्थायित्व बढ़ाती हैं। कचरे को कम करती हैं। कार्यस्थल में विविधता व समावेशन को प्रोत्साहित करती हैं। इसके “सस्टेनेबिलिटी 360” कार्यक्रम से कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट कम हुआ। और सप्लाई चेन में टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा मिला। नतीजतन, मैटल को ग्राहक संतुष्टि में 10%, कर्मचारी जुड़ाव में 5%, और शेयरधारक मूल्य में 5% की वृद्धि देखने को मिली।
मापने की आदत
जो सीएफओ बारीकियों पर ध्यान देते हैं उन्हें ईएसजी को कामकाज से जोड़ने के लिए डेटा-आधारित नजरिया और एक उन्नत मूल्यांकन ढांचे की जरूरत है। प्रमुख प्राथमिकताएं हैं:
अहम ईएसजी सामंजस्य: उद्योग के अनुसार ईएसजी कारकों की पहचान करें। वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के साथ तुलना करें। स्पष्टता व तुलनात्मकता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत नॉन फाइनेंशियल रिपोर्टिंग मानक विकसित करें।
टिकाऊ फाइनेंसिंग: ईएसजी पहल के लिए फंडिंग रणनीतियां बनाएं। आंतरिक कार्बन लागत को शामिल करें। स्थिरता को संगठन के मूल कार्यों में जोड़ें।
पारदर्शी रिपोर्टिंग: नॉन फाइनेंशियल प्रदर्शन को सटीकता के साथ नापने में महारत हासिल करें। इससे जिससे शेयरधारकों को भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी मिले।
ईएसजी पर ध्यान देने वाली कंपनियां लगातार अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं। निवेश पर बेहतर रिटर्न और अस्थिरता कम होती है।—यह डेटा सीएफओ की आकलन योग्य प्रभाव डालने की भूमिका को मजबूत करता है।
सीएफओ के लिए यह एक नया युग है !
आज का सीएफओ केवल फाइनेंशियल रणनीतिकार भर नहीं है। वे स्थायी परिवर्तन के मूर्तिकार हैं। वे प्रॉफिट को उद्देश्य के साथ जोड़कर कॉर्पोरेट सफलता के नए मायने गढ़ रहे हैं। एक ऐसी दुनिया में आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी दोनों को महत्व देती है। जैसे-जैसे ईएसजी का महत्व बढ़ता है, सीएफओ की नेतृत्वकारी भूमिका मजबूत, लचीली और लंबी अवधि में वैल्यू बनाने वाली है। वे केवल बैलेंस शीट भर नहीं बना रहे। वे एक स्थायी भविष्य का खाका तैयार कर रहे हैं।.
