इंदौर: खजूरी बाजार क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार की तीन दुकानों में अचानक आग भड़क उठी. दुकानों में रखी किताबें, राखियां, ग्रीटिंग कार्ड और दो वाहन जलकर राख हो गए. आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, जिसने कुछ ही देर में पूरा क्षेत्र धुएं और लपटों से घेर लिया. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई.
आग की सूचना सुबह 5:22 बजे फायर ब्रिगेड को मिली, जिसके बाद मोती तबेला स्टेशन से दमकल टीम मौके पर रवाना हुई. सहायक उप निरीक्षक शिवनारायण शर्मा ने बताया कि मौके पर पहुंचे फायर दल ने 15 हजार लीटर पानी की मदद से आग पर काबू पाया, तीनों दुकानें क्रमश: ब्रह्मानंद खंडेलवाल, सतीश खंडेलवाल और जगदीश खंडेलवाल की बताई गई हैं. वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक दुकानों से लपटें उठने लगी थीं. एक दुकान में किताबें और राखियां भरी थीं, जबकि दूसरी में ग्रीटिंग कार्ड रखे थे. आग के वक्त सभी दुकानें बंद थीं, जिससे नुकसान ज्यादा हुआ.
जहां दुकानें स्थित हैं, वहीं पास में एक पुराना जर्जर भवन और मंदिर भी है. आग की तपिश से जर्जर भवन की दीवारें गर्म हो गईं और ऊपरी शेड में पड़े कबाड़ में से धुआं उठने लगा. यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह किसी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती थी. सूचना पर सराफा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. दमकलकर्मियों ने पूरी सतर्कता से आग बुझाने का काम किया और आसपास की दुकानों और मंदिर को बचा लिया. फायर ब्रिगेड द्वारा आग का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण की जांच की जा रही है. वहीं प्रशासन ने नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
