भिंड: चंबल नदी के उफान ने 8 से 10 गांवों के संपर्क मार्ग अवरुद्ध कर दिए थे लेकिन अब जलस्तर घटने से ये मार्ग दोबारा खुलने लगे हैं। सिंध नदी के पानी ने करीब 15 से 18 गांवों को प्रभावित किया था, जहां अब हालात सामान्य हो रहे हैं। वहीं कुवारी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में पानी भरने से 15 से 17 गांवों में जलभराव हुआ था, जो अब धीरे-धीरे निकल रहा है।
अभी भी फसलें जलमग्न हैं, किसानों को भारी नुकसान हुआ है।भारी बारिश और डैमों से छोड़े गए पानी के कारण हजारों बीघा खेतों में खड़ी रबी की फसलें बर्बाद हो गईं। चंबल, सिंध, कुंवारी, पहुंज, झिलमिल, सोनभद्रका जैसी नदियों के कैचमेंट क्षेत्रों में तेज बारिश ने डैमों के गेट खुलवाए, जिससे जलभराव की स्थिति बनी।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 4 अगस्त तक 570 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 152 मिमी ज्यादा है। 2024 में इसी अवधि में 418 मिमी वर्षा हुई थी।
