नयी दिल्ली/रायपुर 04 अगस्त (वार्ता) उच्च्तम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सोमवार को उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है।
श्री बघेल और चैतन्य दोनों ने गिरफ्तारी के खिलाफ संरक्षण मांगा था। कोर्ट एजेंसियों की शक्तियों के दायरे पर सुनवाई के लिए तैयार है। इस मामले में छह अगस्त को सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बागची की पीठ में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध कोषांग-भ्रष्टाचार उन्मूलन ब्यूराे (ईओडब्ल्यू – एसीबी) भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। दुरूपयोग रोकने के लिए गुहार लगाई है। आज संबंधित एजेंसियों से जवाब भी मांगा गया है। प्रकरण पर छह अगस्त को अगली सुनवाई होगी। पीएमएलए कानून को लेकर कोर्ट ने कहा कि इस कानून पर सवाल तभी क्यों उठता है, जब कोई रसूखदार गिरफ्तार होता है।
ईडी ने चैतन्य बघेल को इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना है। ईडी के अनुसार 2019-22 के बीच राज्य में 2100 करोड़ का घोटाला हुआ था। इसका पूरा पैसा चैतन्य ने ही मैनेज किया।
सुप्रीम कोर्ट ने बघेल व चैतन्य को हाईकोर्ट जाने को कहा
