नयी दिल्ली, 01 अगस्त (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने भारतीय पति से विवाद के बाद रूसी महिला के अपने पांच साल के बच्चे के साथ देश छोड़कर भागने पर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि यह अदालती निर्देश की अनदेखी तथा घोर लापरवाही है।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा यह इतना साधारण वैवाहिक विवाद नहीं, जितना दिल्ली पुलिस और विदेश मंत्रालय ने इसे हल्के में लिया है।
पीठ ने संबंधित अधिकारियों से बच्चे को रूस से वापस लाने के लिए मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से शीघ्र संपर्क करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस को 22 मई को शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया था कि वह महिला पर गोपनीय लेकिन कड़ी निगरानी रखे। इस अदालती निर्देश के बावजूद महिला एक नाबालिग के साथ देश से भागने में सफल रही। यह घटना दिल्ली पुलिस की घोर लापरवाही और असफलता है, इसके अलावा कुछ नहीं।
इससे पहले न्यायमूर्ति सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में आदेश पारित करते हुए विदेश और गृह मंत्रालय को रूसी मां को भारत छोड़ने से रोकने के उपाय के तौर पर ‘लुक-आउट’ नोटिस जारी करने और मां का पासपोर्ट तुरंत जब्त करने का भी निर्देश दिया था।
पीठ ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे रूसी दूतावास के अधिकारियों के साथ समन्वय करके उस राजनयिक के आवास पर जाएं, जिसे आखिरी बार उस बच्चे की मां के साथ देखा गया था।
शीर्ष अदालत ने कड़े निर्देश जारी करने के साथ साथ चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ने पर दूतावास के संबंधित अधिकारियों सहित सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।
इससे पहले 18 जुलाई को केंद्र शीर्ष अदालत के समक्ष कहा था रूसी मां के साथ गायब पांच साल के एक बच्चे के कहा था लगता है कि महिला भारत छोड़कर कहीं चली गईं हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को यह जानकारी देते हुए कहा था कि महिला ने देश छोड़कर जाने के संबंध में संबंधित विभाग को सूचित नहीं किया है। उन्होंने अदालत को बताया कि लापता बच्चे और रूसी माँ का पता लगाने के लिए लुकआउट सर्कुलर, वायरलेस संदेश आदि जारी किए गए हैं। ये संदेश पूरे देश में प्रसारित किए गए हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर ने पीठ को यह भी बताया कि महिला के बैंक खाते में 200 रुपये से भी कम राशि है। उसने पांच जुलाई को रूसी दूतावास से संपर्क कर अपने पति के बारे में शिकायत की थी। दूतावास के अधिकारी ने महिला से दिल्ली पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी।
उन्होंने बताया कि महिला के मोबाइल नंबर के कॉल डेटा रिकॉर्ड प्राप्त कर लिए गए हैं। उनका विश्लेषण किया जा रहा है। इसके अलावा, उसके सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया रूसी दूतावास भारतीय अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। उसने स्वयं इस मामले में व्हाट्सएप पर एक संदेश जारी किया है।
पीठ के यह कहने पर कि रूसी दूतावास के कुछ अधिकारियों की निजी स्तर पर मिलीभगत हो सकती है, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया कि यहां के अधिकारी इसकी जाँच करने का प्रयास करेंगे।
उच्चतम न्यायालय ने रूसी मां के साथ गायब पांच साल के एक बच्चे को ढूंढकर बिना शर्त उसके पिता सौंपने का को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान जब पीठ ने याचिकाकर्ता की पत्नी के वकीलों से उसके ठिकाने के बारे में पूछा था तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई, जिससे अदालत ने उनकी ईमानदारी पर भी सवाल उठाया।
पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था, “आप लोग सब कुछ जानते हैं… आपको लगता है कि आप हमारे साथ शरारत कर सकते हैं? हम सिर्फ़ याचिकाकर्ता ही नहीं, बल्कि संबंधित वकीलों भी सवाल उठाएंगे। आप हमारे द्वारा उचित समय पर दिए जाने वाले आदेशों का इंतज़ार करें।”
दंपति के बेटे का जन्म 2020 में भारत में हुआ था।
शीर्ष अदालत के पहले के निर्देशों के अनुसार, अलग-अलग रह रहे माता-पिता, बच्चे की संयुक्त अभिरक्षा के साथ दिल्ली में अलग-अलग आवासों में रह रहे थे। अदालत के (22 मई के) आदेश के अनुसार, माँ को सप्ताह में तीन दिन बच्चे को अपने साथ रखने का निर्देश दिया था, जबकि अन्य दिनों के लिए पिता को।
पिता ने हालांकि हाल ही में अदालत का दरवाजा खटखटाया और कहा कि 7 जुलाई से (स्कूल के समय के बाद) उनकी पत्नी का कोई पता नहीं चल रहा है। उससे संपर्क करने के उसके प्रयास विफल रहे और बच्चा स्कूल और मेडिकल जाँच, दोनों से वंचित हो रहा है।
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि चार जुलाई को उसे एक रूसी राजनयिक के साथ पिछले दरवाजे से रूसी दूतावास में प्रवेश करते देखा गया था, जिसके साथ उसके कथित तौर पर संबंध हैं।
इसके बाद अदालत ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर रूसी दूतावास के अधिकारी किसी भी अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो कानून उनके खिलाफ भी अपना काम करेगा।
