
जबलपुर। नागपंचमी के दिन जहां एक ओर पूजन-अर्चन का दौर सुबह से शहर में जारी रहा तो वहीं दूसरी तरफ वन विभाग की अलग-अलग टीमें सपेरों की धरपकड़ में सक्रिय रही। जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीमों द्वारा 21 सपेरों के चंगुल से 58 सांपों को आजाद कराया गया है। घायल अवस्था में मिले सांपों को वन विभाग द्वारा वेटरनरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी अपूर्व शर्मा के अनुसार सपेरों के पास से जितने सांप मिले हैं वो घायल अवस्था में थे, जिनका इलाज पहले जरूरी था। पकड़े गए सांपों में अधिकांश सांप कोबरा प्रजाति के थे वहीं धामन प्रजाति के भी सांप सपेरों के पास मिले हैं। मुख्य वन संरक्षक कमल अरोड़ा, वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्रा, उपवनमंडल अधिकारी पी.के. श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जबलपुर अपूर्व प्रखर शर्मा द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। रेस्क्यू में गुलाब सिंह (परिक्षेत्र सहायक), रेस्क्यू दल, परिक्षेत्र का समस्त स्टाफ और सर्प मित्र की अहम भूमिका रही।
सपेरों को रहा वन विभाग की सक्रियता का भय
गौरतलब है कि प्रति वर्ष परिक्षेत्र जबलपुर द्वारा कार्यवाही की जाती है जिसके फलस्वरूप लगातार सर्पों के प्रदर्शन में गिरावट आई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में वन विभाग की टीम द्वारा 150 सांपों का रेस्क्यू, वर्ष 2024 में 65 सांपों का और अभी इस वर्ष अभी तक 57 सांपों को आजाद कराया गया है। जो कि स्पष्ट दर्शा रहा है कि वन विभाग की सक्रियता से सपेरों में भय व्याप्त है।
इनका कहना है-
शहर में अलग-अलग इलाकों से सपेरों के पास से 58 सांपों को आजाद कराया गया है। सपेरों के पास से मिले सांप घायल अवस्था में थे किसी का होंठ सपेरों ने सिल दिया था तो किसी सांप के दांत निकाल दिए थे। सभी घायल सांपों को वेटरनरी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया हैै। वहां से इलाज होने के बाद डॉक्टर जब प्रमाण पत्र स्वस्थ होने का देंगे तो सभी सांपों को जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा। वहीं सपेरों को समझाईश देकर छोड़ा गया है।
–अपूर्व शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी।
