
नीमच। जिले में कई स्कूल भवन और छात्रावासों की इमारतें जर्जर हालत में हैं। पीडब्ल्यूडी ने जिला मुख्यालय पर स्थित 61 साल पुरानी इमारत को तोडऩे के आदेश दिए हैं। इस इमारत में वर्तमान में 40 बच्चे रह रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बना हुई है।
सिटी रोड स्थित शासकीय विमुक्त जाति बालक छात्रावास की इस बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी ने 2 साल पहले ही तोडऩे लायक बताया था। इसे जीर्ण-शीर्ण घोषित करने के लिए कलेक्टर कार्यालय से 11 जुलाई 2024 को एसडीएम और लोकनिर्माण विभाग को पत्र भेजा गया था। इसके बाद 8 अगस्त 2024 को लोनिवि ने छात्रावास को तोडऩे के आदेश जारी किए।
पिछले साल किया था निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री ने 6 अगस्त 2024 को भवन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया कि 1964 में बने इस छात्रावास के कॉलम में कई जगह दरारें आ चुकी हैं। छत से पानी टपकता है और दरवाजों की स्थिति भी अच्छी नहीं है। इसके अलावा 1975 में निर्मित पास का भवन भी खराब हालत में है।
वर्तमान में बारिश का मौसम चल रहा है और इस जर्जर इमारत में हादसे की आशंका बनी हुई है। अफसरों का कहना है कि बच्चों को मुख्य जर्जर भवन में नहीं रखा गया है। वे पास के कमरों में रह रहे हैं।
बच्चों को करेंगे शिफ्ट
आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर सभी बच्चों को मनासा-नीमच रोड स्थित ट्रिनिटी भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। वर्तमान में सिर्फ किराया तय होना बाकी है। इसके बाद बच्चों को नई सुरक्षित बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
