शाजापुर:आगरा-मुंबई हाईवे से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर बसा छोटा सा ग्राम बागोदा जो की रसूलपुर ग्राम पंचायत तहसील मोहन बड़ोदिया के अंतर्गत लगता हैं। यहां से लगभग सभी घरों से छात्र विद्यालय में पढ़ने के लिए पनवाड़ी आते हैं, लेकिन रास्ते की बात करें तो 4 महीने तक पनवाड़ी विद्यालय आने में छात्रों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे और इन गड्डों में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है।
पैदल विद्यालय आने में भी कई दिक्कतें आती है।ग्राम के विशाल राजपूत, संजय सिंह, लाखन सिंह, राहुल सिंह, चैन सिंह मेवाड़ा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ग्राम में बीमार हो जाता है तो उसे खटिया पर लाना होता है शासन की जननी एक्सप्रेस या 100 डायल भी यहां पर नहीं पहुंच पाती। हमें उपज बेचने के लिए पूरे 4 महीने इंतजार करना पड़ता है।
आलु, प्याज, लहसुन की फसलों के भाव अगस्त, सितंबर महीने में ही अच्छे ऐसी स्थिति में तय करना पड़ता है सफर रहते हैं, लेकिन हम समय पर फसलें भी विक्रय नहीं कर पाते। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे से 3 किलोमीटर दूरी पर होने के बाद भी यह स्थिति हैं। हमारे द्वारा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइनपर भी शिकायत दर्ज करवा रखी है, लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को प्रशासन की तरफ से कई सुविधाएं दी जा रही है, लेकिन अब यह रास्ता ऐसा है कि इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
