
इंदौर. राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी को लेकर शिलांग पुलिस अब अंतिम चरण में है. सूत्रों के मुताबिक, इस हाईप्रोफाइल केस में पुलिस के पास पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य एकत्र हो चुके हैं, जो आरोपियों की लोकेशन को न सिर्फ घटनास्थल से जोड़ते हैं, बल्कि पूरे षड्यंत्र की परतें भी खोलते हैं. पुलिस अब अगले दो माह के भीतर इस बहुचर्चित मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस को मौके पर ज्यादा प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले हैं, लेकिन एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड का बयान इस केस की कड़ी बन सकता है, जिसने सोनम व अन्य आरोपियों को हत्या से पहले साथ देखा था. यह गाइड ही पुलिस के लिए प्राथमिक चश्मदीद के तौर पर उभर रहा है. शिलांग पुलिस की एक विशेष टीम पिछले दिनों इंदौर पहुंची थी. यहां जांच के दौरान वह फ्लैट भी खंगाला था जहां आरोपियों ने वारदात के बाद डेरा जमाया था. पुलिस ने यहां से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, आरोपी के खून लगे कपड़े और सोनम के कुछ आभूषण बरामद किए हैं. इन साक्ष्यों को फॉरेंसिक लैब भेजा जा चुका है, जहां से रिपोर्ट आना अभी बाकी है. इस केस में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें मुख्य आरोपी सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और उनके सहयोगी शामिल हैं. हाल ही में कोर्ट ने तीन आरोपियों फ्लैट मालिक, एक प्रॉपर्टी ब्रोकर और सुरक्षागार्ड को जमानत दे दी है. वहीं शेष पांचों आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जिन आरोपियों को बेल मिली है, वे सीधे हत्याकांड में शामिल नहीं थे, लेकिन मामले से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने या सहयोग करने की स्थिति में थे. शिलांग पुलिस की चार्जशीट अब इस पूरे केस का रुख तय करेगी. अगर डिजिटल साक्ष्य और चश्मदीद के बयान कोर्ट में टिकते हैं, तो हत्या का यह केस सुनियोजित षड्यंत्र की सबसे ठोस मिसाल बन सकता है. वहीं, अगर आरोपियों को कानूनी राहत मिलती रही, तो राजा रघुवंशी के परिवार की न्याय की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं.
नार्को टेस्ट की मांग और परिजन की पीड़ा
राजा के परिजन इस पूरे मामले की जांच पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं. परिवार की ओर से सोनम और राज कुशवाहा का नार्को टेस्ट कराने की औपचारिक मांग भी की जा चुकी है. साथ ही परिजनों ने शिलांग कोर्ट में विशेष याचिका के जरिए सीबीआई जांच की भी मांग रखी है.
