सिंगरौली :बेस कीमती वन्यजीव प्राणी पैंगोलिन तस्करी के कारोबार में जुड़े आठ तस्करों के अलावा आज एक मुख्य सरगना को चोपन से गिरफ्तार करने में जबलपुर की एसटीएफ एवं वन्य परिक्षेत्र बरगवां की संयुक्त टीम ने सफलता हासिल की है।इस संबंध में वन मण्डला अधिकारी अखिल बंसल ने पत्रकारों को बताया की वन्यजीव प्राणी पैंगोलिन (केहट) की तस्करी बरगवां परिक्षेत्र के पुरैल जंगल से किये जाने की जानकारी हुई थी। जहां आठ आरोपियों को गिरफ्तार का उनके कब्जे से एक जिंदा पैंगोलिन वन्यप्राणी को बरामद किया गया था।
वही इसका मुख्य सरगना फरार था। जिसक ी तलास एसटीएफ जबलपुर एवं वन्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कि जा रही थी। इस दौरान मुख्यबिरों के जरिये सूचना मिली की भारतीय पैंगोलिन के अवैध व्यापार में शामिल रियाजुद्दीन अंसारी पिता बाजिद अली निवासी ठरकिया जिला गढ़वा झारखण्ड का है और वह थाना चोपन जिला सोनभद्र उप्र. में छुपा हुआ है। जिसपर एसटीएफ जबलपुर एवं वन परिक्षेत्र बरगवॉ के संयुक्त टीम पैंगोलिन तस्करी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। उन्होंने आगे बताया की अभी तक 9 आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं और अन्य की तलास भी की जा रही है। इस तस्करी को रोकने के वन अमला टीम लगातार क्षेत्र में नजर रखे हुये हैं।
चाईना के बाजार में हो रहा है बिक्र
शक्तिवर्धक दवाइयों में पैंगोलिन के अंगों का इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जिंदा पैंगोलिन की कीमत करोड़ रुपये है। सूत्रों का दावा है कि जीवों की चीन में खासी डिमांड है। मध्य प्रदेश से पैंगोलिन की तस्करी कर नेपाल के रास्ते चीन के बाजार में इन्हें बेचा जाता है। वही वन विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय तस्करी की बात दबी जुबान से मान लिया है। लेकिन पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कई चौंकाने वाले खुलासा होने की संभावना है।