सतना : रेलवे कालेानी क्षेत्र में गुरुवार की शाम सामने आए दर्दनाक हादसे ने नगरवासियों को हिला कर रख दिया. पानी से भरे गड्ढे में डूब जाने के कारण दो किशोरों की मौत हो गई. इस घटना के चलते एक ओर जहां दो परिवारों के चिराग बुझ गए वहीं दूसरी ओर स्थानीय रेलवे प्रशासन की गंभीर लापरवाही भरी कार्यशैली भी उजागर हो गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय नितिन कुशवाहा और 16 वर्षीय अमन भट्ट गुरुवार को खेलने के लिए रेलवे कालोनी के मनोरंजन गृह की ओर चले गए. इसी दौरान उन्हें मनोरंजन गृह के पीछे एक लंबा-चौड़ा गड्ढा नजर आया, जो पानी से लबालब भरा हुआ था.
जिसे देखते हुए दोनों मित्रों ने उस गड्ढे में नहाने का मन बना लिया. जिसके चलते कपड़े और जूते उतार कर दोनों पानी में चले गए. लेकिन गड्ढा इतना बेतरतीब था कि दोनों अपना संतुलन नहीं रख सके और पानी में डूबने लगे. बताया गया कि गड्ढे में निचले तल पर कीचड़ जमा होने के कारण दोनों किशोर बाहर नहीं निकल पाए. उक्त स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद नहीं था. जिसके चलते उन्हें बचाने के लिए भी कोई नहीं आ सका. नतीतजन कुछ देर संघर्ष करने के बाद दोनों किशोर पानी में डूब गए. कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे लोगों को कपड़े और जूते पड़े नजर आए. जिसे देखते हुए उन्हें शंका हुई.
लिहाजा फौरन ही मामले की पड़ताल की जाने लगी. जिसके जरिए यह जानकारी निकलकर आई कि दो किशोर यहां पर पहुंचे थे. वहीं घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ अमला भी मौके पर पहुंच गया. चूंकि गड्ढे में उतरकर खोजबीन करना खतरनाक था इसलिए एसडीआरएफ की टीम को सूचना दे दी गई. कुछ समय बाद एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई. लाइफ जैकेट पहने कर्मियों ने बोट के सहारे किशोरों की तलाश शुरु की. कुछ समय बाद ही लगभग पौने 5 बजे नितिन कुशवाहा का शव निकाल लिया गया. वहीं लगभग घंटे भर तक कड़ी मशक्कत के बाद अमन भट्टा का शव भी बाहर निकाल लिया गया. दोनों शवों को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
गड्ढा खोद छोड़ दिया गया
इस संबंध में जो जानकारी निकलकर सामने आई उसके अनुसार रेलवे मैदान में 7 महीने पहले क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया गया था. जिसके चलते मैदान को समतल करने के लिए मनोरंजन गृ़ह के पीछे के क्षेत्र से मिट्टी निकाली गई. लेकिन उक्त स्थान से मिट्टी निकालने के बाद हुए गहरे गढ्ढे का न तो भरा गया और न ही वहां पर किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए. नतीजतन इस गंभीर खामी की कीमत दो किशोरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. मृत दोनों किशोर रेल कर्मियों के बेटे हैं. जिसके चलते रेलवे कालोनी में मातम पसर गया. वहीं किशोर की माताओं को यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि पलक झपकते ही उनकी दुनियां उजड़ गई. लिहाजा अब देखने वाली बात होगी कि इस गंभीर खामी के चलते दो किशोरों की जान चले जाने के बाद मंडलीय रेल प्रबंधन की ओर से क्या सख्त कदम उठाया जाता है.
