रीवा:आकाशीय बिजली (वज्रपात) से बचाव के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जन समुदाय के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का पालन कर आकाशीय बिजली से सुरक्षा और बचाव किया जा सकता है. आकाशीय बिजली से आउटडोर (घर के बाहर) बाहरी गतिविधियों में शामिल लोग जैसे खेतों, औद्योगिक स्थानों, निर्माण और सामग्री हैंडलिंग वाले स्थलों पर काम करने वाले लोग सर्वाधिक संवेदनशील होते हैं.
आकाशीय बिजली किसी भी समय गिर सकती है. यह मानसून के पहले जून-जुलाई में अधिक होती है. दोपहर और सायंकाल के बीच वज्रपात की घटनाएं सर्वाधिक देखी जाती हैं. ऊंची नुकीली संरचनाओं, पेड़ों पर आकाशीय बिजली गिरने की अधिक संभावना होती है। ऐसे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है. जारी निर्देश में कहा गया है कि धातु का मचान, धातु के उपकरण, पानी के पाइप या प्लम्बिंग, बिजली का संचालन करने वाली सामग्री अथवा सतहों के संपर्क से बचें.
