सीहोर. ट्रेक्टर ट्रालियों में सवार होकर कलेक्टर को परेशानियों से अवगत कराने और शीघ्र बीमा धन के साथ मुआवजा राशि दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने डिप्टी कलेक्टर स्तर तक के अधिकारी से मिलने से इंकार करते हुए कलेक्टर को ही बाहर आने के लिए कहा और कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे.
तीन साल से प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे पांच गांव के करीब 50 से ज्यादा किसानों ने धरना दिया. वहीं मैकेनाइज्ड केन्द्रीयकृत किचन प्रणाली का विरोध में प्रांतीय महिला स्व सहायता समूह महासंघ और मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा, रसोइया संघ ने ज्ञापन सौंपा और मध्याह्न भोजन सांझा चूल्हा के रसोइयों का रोजगार छीनने की बड़ी साजिश बताई. एक बुजुर्ग महिला से जमीन छीनने और मारपीट करने का मामला भी आया. सभी ने शिकायती आवेदन देकर समाधान की मांग की.
कलेक्ट्रेट की चौखट पर बैठकर अन्नदाता ने मांगा इंसाफ
