झाबुआ में पहली बार हुई लैप्रोस्कोपिक एपेंडेक्टोमी

झाबुआ। जिला चिकित्सालय झाबुआ में चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। यहां पहली बार अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से एपेंडिक्स निष्कासन (लैप्रोस्कोपिक एपेंडेक्टोमी) की शल्यक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई। यह जटिल शल्यक्रिया 18 वर्षीय लक्ष्मी पिता उदयसिंह निवासी थांदला जिला झाबुआ की की गई, जो लंबे समय से तीव्र उदर पीड़ा से ग्रसित थी। संपूर्ण प्रक्रिया डॉ. दीपक राठौर (सर्जन), डॉ. देवेंद्र भायल (सर्जन), डॉ. सावन चौहान (एनेस्थेटिस्ट) एवं ऑपरेशन थिएटर टीम के समन्वित प्रयासों से लगभग 2 घंटे 30 मिनट में पूर्ण की गई। लैप्रोस्कोपिक शल्यक्रिया आधुनिक चिकित्सा पद्धति का एक महत्वपूर्ण अंग है। जिसमें परंपरागत ओपन सर्जरी की अपेक्षा कम चीरे के माध्यम से शल्यक्रिया की जाती है जिससे रोगी को कम पीड़ा होती है, संक्रमण की संभावना न्यूनतम रहती है और स्वास्थ्य लाभ शीघ्र होता है। इस ऐतिहासिक पहल से न केवल जिला अस्पताल झाबुआ की स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम मिला है। अपितु भविष्य में भी यहां उच्च स्तरीय शल्यक्रियाओं की संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।

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