इंदौर: भारत में आजीविका और उद्यम को हाशिए पर मानकर भिक्षा मांगने वालों के लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा भिक्षुक मुक्त अभियान चलाया जा रहा है. आज इंदौर में भिक्षावृत्ति मुक्त भारत 2.0 अभियान केके लेकर बैठक हुई. बैठक देश के 100 शहरों को भिक्षुक मुक्त बनाने पर कारवाई की जाएगी.आज ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में भारत सरकार के सामाजिक न्याय विभाग सचिव अमित यादव ने बताया कि भिक्षुक मुक्त अभियान में अभी तक देश में 22410 लोगों की पहचान की गई है । 3400 लोगों का पुनर्वास किया गया है.
आज इंदौर में डेढ़ बाहर के नोडल अधिकारी और कार्य लगने वाली एजेंसियों की बैठक थी. बैठक एमआर भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत अभियान 2.0 में सौ शहरों पर योजना बनाई गई है. उक्त सौ शहरों को भिक्षुक मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है. इंदौर में अभियान के पहले चरण में अच्छा काम किया है और शहर में कही भिक्षुक नहीं दिखे. भिक्षुकों को रोजगार या अन्य साधन से आजीविका चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. भारत सरकार सामाजिक न्याय विभाग की उक्त योजना का उद्देश्य देश और शहरों को भिक्षुक मुक्त बनाना है.
