शिक्षा प्रणाली को समृद्ध बनाने में भारतीय भाषाओं की अहम भूमिका : मुर्मू

कटक, 15 जुलाई (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि देश की शैक्षिक परंपरा और शिक्षा प्रणाली को समृद्ध बनाने में भारतीय भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

श्रीमती मुर्मु ने 15वीं शताब्दी के कवि आदिकवि सरला दास की जयंती पर आज यहां आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देती है जिससे बच्चों को अपनी संस्कृति और विरासत से और गहराई से जुड़ने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा, “हमारी भाषाएं तो कई हैं, लेकिन भावनाएं एक हैं। दुनिया इस बात से चकित है कि भारत अपनी भाषाई और धार्मिक विविधता के बावजूद कैसे एकजुट है।”

उन्होंने अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भाषाओं को सीखने के महत्व पर भी जोर दिया।

राष्ट्रपति ने आदिकवि सरला दास की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने उड़िया में महाभारत की रचना करके भारतीय साहित्य को समृद्ध बनाया। उन्होंने कवि की विरासत का सम्मान करने और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरला साहित्य संसद’ की सराहना की।

इस मौके पर राष्ट्रपति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ‘कलिंग रत्न पुरस्कार-2024’से सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार सरला सम्मान प्राप्त करने के लिए बिजया नायक को भी बधाई दी।

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