
जबलपुर। 2022 में दर्ज अपराध में दोषमुक्त हुए आरोपी के मामले में प्रार्थी के पक्ष में अपील बनाने के लिए 15 हजार रूपए की रिश्वत लेने वाली अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला न्यायालय जिला जबलपुर में पदस्थ (एजीपी) अतिरिक्त लोकअभियोजक श्रीमती कुक्कू दत्त पिता स्वर्गीय डी दत्त 59 वर्ष को लोकायुक्त ने सिविल लाइन से रंगे हाथों धरदबोचा। अचानक हुई कार्रवाई से हडक़ंप मच गया। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी ने बताया कि बिहारी लाल रजक पिता स्वर्गीय नर्मदा प्रसाद रजक निवासी सिविल लाइन जबलपुर ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2022 में एक अपराध पंजीकृत करवाया था, जिसका विचारण पूर्ण होकर उस प्रकरण में आरोपी बेगुनाह साबित हो चुके थे, उक्त प्रकरण में पैरवी कुक्कू दत्त ने की थी। आरोपी के दोषमुक्त हो जाने से शासन की तरफ से अपील के लिए कुक्कू दत्त को आदेश प्राप्त हुए थे, जिसकी अपील प्रार्थी के पक्ष में बनाने के लिए अतिरिक्त लोक अभियोजक श्रीमती कुक्कू दत्त द्वारा उससे 15000 की रिश्वत मांगी की जा रही है।
जाल बिछाकर धरदबोचा
लोकायुक्त ने योजना के मुताबिक रिश्वत की रकम के साथ शिकायतकर्ता बिहारी लाल रजक को अतिरिक्त लोक अभियोजक श्रीमती कुक्कू दत्त पिता स्वर्गीय डी .दत्त 59 वर्ष के घर सिविल लाइन भेजा। जैसे ही आरोपिया ने रिश्वत ली, वैसे लोकायुक्त ट्रेप दल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक शशि मर्सकोले, निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक नरेश बेहरा एवं लोकायुक्त जबलपुर के दल ने उन्हें धरदबोचा।
आरोपिया को सर्किट हाउस ले गई टीम
आरोपियों को दबोचने के बाद टीम उसे सर्किट हाउस नंबर दो पर ले गई, जहां आरोपिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। अचानक हुई लोकायुक्त की कार्रवाई से हडक़ंप मचा रहा।
