नयी दिल्ली, 15 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि भाजपा शासन में लूट मची हुई है लेकिन कमीशनखोरी पर टिका सारा विकास भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़े पुलों, सड़कों, रेल पटरियों के ढ़हने से हर बार मानसून की बारिश में बह जाता है।
श्री गांधी ने कहा “मानसून आया और साथ ही आपके टैक्स के पैसे भी बहा ले गया- भाजपा के भ्रष्टाचार की गंदगी में, हर बार जब कोई पुल गिरता है, हर बार जब कोई सड़क बह जाती है, हर बार जब कोई ट्रेन पटरी से उतरती है। समझ लीजिए, ये सिर्फ़ निर्माण की असफलता नहीं ये एक संगठित लूट है – आपकी जेब से। हर बार जब हादसे में किसी के प्रिय की जान जाती है और कोई ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाता, तो वो दुर्घटना नहीं, हत्या होती है।”
उन्होंने मानसून आते ही ढांचों के ढहने के उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात के जूनागढ़ में नया पुल उद्घाटन से पहले ही ढह गया। राजकोट में नेशनल हाइवे बारिश में धँस गया। दिल्ली में करोड़ों रुपए से बना प्रगति मैदान अंडरपास फिर डूब गया। हर साल यही हाल होता है। उत्तराखंड में टनकपुर-पिथौरागढ़ हाइवे का हिस्सा नदी में समा गया। पुल एक साल भी नहीं चला। बिहार में पिछले 5 साल में 12 पुल गिर चुके हैं। ताज़ा मामला अररिया में उद्घाटन से पहले ही करोड़ों रुपए में बना एक पुल गिर गया। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में हाल ही में बना एनएच बारिश में बह गया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में अनेक ऐसे निर्माण कार्य हैं और उनके उदाहरण भी अनगिनत हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा “हर साल ये होता है। हर साल छोटे गाँव से लेकर बड़े शहर तक लोग इस बर्बाद होती सार्वजनिक व्यवस्था का दंश झेल रहे हैं और मोदी सरकार का एक ही जवाब होता है और टैक्स बढ़ा दो। सोचिए यह पैसा जा कहाँ रहा है। सरकारें टैक्स इसलिए लेती हैं कि आपको मिले सड़कें, पुल, अस्पताल, बिजली, पानी लेकिन भाजपा सरकार में ये पैसा जाता है भ्रष्ट नेताओं की जेब में, सरकारी कमीशनखोरों की तिजोरी और प्रचार की चमकदार होर्डिंग्स में लेकिन अब बहुत हो गया। भारत अब चुप नहीं बैठेगा। वक़्त आ गया है सरकार से जवाब माँगने का, इनकी नाकामी की जवाबदेही तय करने का और उसके नतीजों की ज़िम्मेदारी लेने को मजबूर करने का।”
