
खरगोन। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, में किए गए संशोधन के विरोध में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर पेंशनरों का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला।
ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे पेंशनरों ने जिलाध्यक्ष इंजी. राधेश्याम पाटीदार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि नया पेंशन संशोधन केन्द्र सरकार के द्वारा पूर्व पेंशनरों एवं वर्तमान पेंशनरों में भेद करने के अधिकार प्राप्त करने से न केवल उच्चतम न्यायालय के विभित्र निर्णयों का उल्लंघन होता है, वरन 1 जनवरी 2016 के पहले व इसके बाद के पेंशनरों के मध्य 7वें वेतन आयोग द्वारा प्रदत्त समानता भी समाप्त होने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में डीएस नाकरा बनाम यूनियन आफ इण्डिया से संबंधित सिविल रिट पिटीशन में उच्चतम् न्यायालय के 5 जजों की संवैधानिक पीठ द्वारा दिये गये निर्णय का जिक्र भी किया गया है। पेंशनरों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से पुर्नविचार कर करते हुए पूर्व की भांति सुविधाएं देने की मांग की है।
