सरकारी ज़मीन बचाने के लिए ‘केले के पत्तों’ में पहुंचा पन्नालाल सेन

गरोठ।मंदसौर मे जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार की जनसुनवाई में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब दलोदा तहसील के लालाखेड़ा गांव निवासी पन्नालाल सेन पूरे शरीर पर केले के पत्ते लपेटकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचा। यह अनोखा प्रदर्शन किसी मज़ाक का हिस्सा नहीं, बल्कि एक आम नागरिक की सरकार को जगाने की कोशिश थी।

पन्नालाल सेन का कहना है कि उन्होंने गांव की शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे के खिलाफ वर्षभर पहले शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आज तक न तो कोई कार्रवाई हुई, न ही प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। पीड़ित पन्नालाल बताते हैं कि जिस ज़मीन पर निजी धर्मशाला का निर्माण हो चुका है, वह सार्वजनिक संपत्ति है और उसका उपयोग गांव हित के लिए होना चाहिए था।

गौर करने वाली बात यह है कि पन्नालाल कोई जनप्रतिनिधि नहीं हैं, न ही कोई बड़ा अधिकारी, बल्कि एक सामान्य नागरिक हैं, जो अपने स्तर पर सरकारी ज़मीन को अतिक्रमण से बचाने में जुटे हैं। वे अपनी जेब से खर्च कर, प्रशासन से लगातार संपर्क कर रहे हैं, ताकि सरकारी जमीन सरकार को वापस मिल सके। एक ओर जहां कई लोग सरकारी ज़मीन हड़पने में लगे हैं, वहीं पन्नालाल जैसे नागरिक सरकार को लाभ दिलाने के लिए खुद सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं।

पन्नालाल का यह कहना – “जब कोई नहीं सुनता तो मजबूरी में ऐसा रास्ता अपनाना पड़ता है,” उनकी व्यथा और संघर्ष को साफ दर्शाता है। उनके विरोध प्रदर्शन ने न केवल अधिकारियों का ध्यान खींचा, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया।

अब देखना यह है कि इस ईमानदार कोशिश का प्रशासन किस तरह से संज्ञान लेता है और क्या वाकई पन्नालाल की लड़ाई रंग लाती है या फिर यह आवाज़ भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

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