
सीहोर. बारिश का मौसम शुरू होते ही पानी में डूबने की घटनाएं सामने आने लगी हैं. रविवार को परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे पति- पत्नी और बेटा सोलवी नदी में बह गए तो भोपाल से कोलार डेम आए चार दोस्तों में से दो डूब गए. दोनों मामलों में गोताखोरों ने चार शव निकाल लिए हैं जबकि एक व्यक्ति की तलाश लगातार दूसरे दिन शाम तक जारी रही.
बारिश के मौसम में नदी- तालाबों का जलस्तर बढऩे के साथ जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन लोग इनकी अवहेलना कर खुद की जिंदगी को दांव पर लगा देते हैं. ऐसे ही दो वाक्ये रविवार को साप्ताहिक अवकाश के दौरान देखने को मिले. पहला वाक्या रेहटी थाना क्षेत्र में घटित हुआ था. बताया जाता है कि ग्राम मालीवायां निवासी 40 वर्षीय अताउर्रहमान अपनी पत्नी 35 वर्षीय रफत और दो बेटों 10 वर्षीय रिवजर और ढाई वर्षीय बालक ओरम के साथ ग्राम सुरई के जंगल में पिकनिक मनाने गए थे. बताया जाता है कि गांव के समीप बहने वाली सोलवी नदी में नहाने के दौरान पति- पत्नी और ढाई साल का मासूम ओरम नदी के गहरे पानी में डूब गए, जबकि दूसरा बालक रिवजर बाल- बाल बच गया. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन शाम तक तीनों में से किसी का भी कोई सुराग नहीं मिला था.
इसी तरह रविवार को भोपाल में रहकर बी फार्मा की पढ़ाई करने वाले बिहार के जगतपुर निवासी 20 वर्षीय प्रिंस राजपूत आ. सुजय कुमार सिंह व छतरपुर निवासी उज्जवल त्रिपाठी आ. ओमप्रकाश त्रिपाठी अपने दो साथी शैलेन्द्र धाकड़ और सत्यम पटेल के साथ कोलार डेम घूमने पहुंचे थे. बताया जाता है कि गहरे पानी में चले जाने से प्रिंस सिंह और उज्जवल त्रिपाठी डूब गए थे. इनकी तलाश में भी अभियान चलाया गया था, लेकिन रात होने के कारण टीम को रेस्क्यू आपॅरेशन रोकना पड़ा था.
सोमवार की सुबह उजाला होने के साथ दोनों स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. कुछ ही देर में रेहटी की सोलवी नदी ने सबसे पहले मासूम बालक ओरम शव उगला. उसके कुछ देर बाद महिला रफत का शव भी एसडीआरएफ ने ढूंढ निकाला, लेकिन अताउर्रहमान का शव शाम तक नहीं मिल सका. तेज बारिश के चलते एसडीआरएफ को रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा जिसे मंगलवार को एक बार फिर चलाते हुए अताउर्रहमान की तलाश की जाएगी.
इधर कोलार डेम में डूबे दोनों छात्रों की तलाश एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों द्वारा सुबह से की जा रही थी. आखिरकार 18 घंटे के तलाशी अभियान के बाद सोमवार की सुबह लगभग दस बजे दोनों छात्रों के शव भी कोलार डेम से बरामद किए गए. पुलिस ने दोनों छात्रों के शवों का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं.
पर्यटकों को वॉटरफॉल जाने से रोक रहे कर्मचारी
बारिश के दौरान झरनों पर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए इन झरनों पर पर्यटकों को जाने से रोका जा रहा है. अमरगढ़ वाटरफॉल एवं अन्य वॉटरफाल जाने वाले रास्तों पर स्थानीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. ये कर्मचारी वॉटरफॉल जाने वाले रास्तों पर ड्यूटी कर रहे हैं और नागरिकों एवं पर्यटकों को वॉटरफॉल पर जाने से रोक रहे हैं. कलेक्टर बालागुरु के ने वॉटरफॉल पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने अमरगढ़ वॉटरफॉल, दिगंबर वॉटरफॉल तथा कालियादेव वॉटरफॉल पर 15 अक्टूबर तक पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित किया है.
