
भारतीय अंतरिक्ष यात्री का ISS में सफल मिशन हुआ पूरा; अंतरिक्ष से धरती की ओर आज भरेंगे उड़ान, कल सुबह करेंगे सुरक्षित वापसी।
ह्यूस्टन, 14 जुलाई, 2025 : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और देश के लिए गर्व का क्षण, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में 18 दिन का अपना ऐतिहासिक मिशन पूरा करने के बाद, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज वापस धरती की ओर अपनी यात्रा शुरू करेंगे। उनकी वापसी का पूरा देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अंतरिक्ष में बिताए गए उनके दिन न केवल वैज्ञानिक शोध के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं का भी प्रतीक थे।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्हें गगनयान मिशन के तहत एक विशेष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम के तहत ISS भेजा गया था, आज दोपहर (भारतीय समयानुसार) ISS से अपनी वापसी की कैप्सूल में प्रवेश करेंगे। उनकी कैप्सूल अंतरिक्ष स्टेशन से अलग होकर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करेगी। इस यात्रा के दौरान कैप्सूल की गति को नियंत्रित करने के लिए विशेष ब्रेकिंग प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। उम्मीद है कि कल, 15 जुलाई, 2025 को सुबह के समय उनकी कैप्सूल सुरक्षित रूप से धरती पर उतरेगी। लैंडिंग की सटीक जगह अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह आमतौर पर पूर्व-निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में होती है।
अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोग और भारत के गगनयान मिशन का मार्ग प्रशस्त
ISS में अपने 18 दिनों के प्रवास के दौरान, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया।
इनमें मानव शरीर पर लंबी अवधि के अंतरिक्ष प्रवास के प्रभावों का अध्ययन, सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में सामग्री विज्ञान पर शोध और पृथ्वी अवलोकन से संबंधित प्रयोग शामिल थे। उनके इस मिशन से प्राप्त डेटा भारत के अपने मानव अंतरिक्ष मिशन, गगनयान, के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित होगा। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने और सुरक्षित वापस लाने की भारत की क्षमता को परखेगा। शुभांशु शुक्ला की सुरक्षित वापसी के बाद, उन्हें चिकित्सा जांच और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होगा, ताकि वे अंतरिक्ष में बिताए गए समय के शारीरिक प्रभावों से उबर सकें। उनका यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य के मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ानों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
