
उज्जैन। श्रावण मास शुरू होते ही शुक्रवार से उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमडऩा शुरू हो गए। 30 दिनों तक श्रावण मास चलेगा। इस दौरान चार सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 14 जुलाई को आएगा। श्रावण मास में पहले दिन से ही बाबा महाकाल की दिनचर्या बदल गई। भस्मारती के लिए रात 3 बजे मंदिर के पट खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। भस्मारती बाद से आम दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ जो रात में शयन आरती तक जारी रहा। मंदिर प्रबंध समिति का 20 वां अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव 2025 शनिवार से शुरू होगा। समिति की उप प्रशासक श्रीमती सिम्मी यादव ने बताया त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय सभागृह, जयसिंह पुरा पर शाम 7 बजे से बड़ोदरा के चिंतन उपाध्याय का शास्त्रीय गायन, उज्जैन के सतीश गोथरवाल के निर्देशन में संस्था पंडित विष्णु नारायण भातखंडे कला संस्थान का ताल वाद्य कचहरी व इंदौर की संस्था कार्तिक कला अकादमी की निर्देशिका सुचित्रा हरमलकर के निर्देशन में कथक नृत्य होगा।
