
झाबुआ। उप वनमंडलाधिकारी सुनिल सुलिया ने बताया कि 9 जुलाई को वन परिक्षेत्र थांदला की बीट ढेबर बडी के कक्ष क्र. 7 आरक्षित वन में शाम लगभग 7 बजे ग्रामीणों से सूचना प्राप्त हुई की ढेबर बडी के राजस्व क्षेत्र खेतों से लगे वन क्षेत्र में जगह-जगह 12 मोर (9 मादा, 2 नर, 1 जीवित नर) पाये गये है। सूचना प्राप्त होते ही वन अमला लगभग 7ः30 बजे पहुंचकर मृत मिले मोरो का स्थल निरीक्षण कर एक जगह रोड पर एकत्र कर प्रकरण लापता में कायम किया गया। मौके पर अधिकारीगण द्वारा लगभग 10 बजे पहुंचकर मौका मुआयना कर समस्त मोरो को शासकीय वाहन से वन क्षेत्र ढेबर बडी से शव परीक्षण हेतु वन परिसर मेघनगर में लाकर सुरक्षित कमरे में रखा गया। 10 जुलाई को सुबह जिलाशल्य पशु चिकित्सक झाबुआ के दल द्वारा वन परिसर मेघनगर में नियमानुसार अधिकारियो एवं जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 11 मृत मोरो का शव विच्छेदन कर विसरा एकत्र करवाया गया जिससे जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा जावे। घटना स्थल की विस्तृत जांच हेतु वनमंडलाधिकारी झाबुआ द्वारा दल का गठन किया गया। जिसकी जांच उपरांत आगामी कार्यवाही की जायेगी। वन्यप्राणी मोर (राष्ट्रीय पक्षी) वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची- में होने के कारण मृत मोरो के शवों का विनिष्टीकरण न्यायालय थांदला की अनुमति उपरांत नियमानुसार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थित में समस्त 11 मोरो के शव का सहसम्मान दाह संस्कार वन परिसर मेघनगर में किया गया।
