बेंगलुरु 09 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कर्नाटक विरोधी रवैये की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने के लिए प्रदेश के लोगों के साथ जानबूझकर भेदभाव कर रही है।
श्री सुरजेवाला ने यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार केंद्र के समक्ष कर्नाटक के हितों और शिकायतों का प्रतिनिधित्व करने के लिए नई दिल्ली गए हुए है।
उन्होंने आरोप लगाया, “जैसा कि मैंने कल कहा था, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कर्नाटक सरकार और प्रदेश के लोगों के मुद्दों को भारत सरकार के समक्ष उठाने के लिए दिल्ली गए हैं। भाजपा और मोदी सरकार में कर्नाटक के लोगों द्वारा उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए उनके साथ भेदभाव और घृणा का एक स्पष्ट और जानबूझकर पैटर्न है।”
उन्होंने दावा किया कि कलासा बंडूरी और मेकेदातु जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को बिना किसी उचित कारण के बाधित किया जा रहा है और केंद्र सरकार जानबूझकर उन मंज़ूरियों को रोक रही है जो कर्नाटक की जल और बुनियादी ढाँचे की ज़रूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
श्री सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि यह भेदभाव सिर्फ़ राजनीतिक ही नहीं बल्कि विकासात्मक और वित्तीय भी है जो बार-बार मंज़ूरी और वित्तीय अधिकारों से इनकार के रूप में प्रकट होती है।
उन्होंने मोदी सरकार पर जीएसटी मुआवज़े की बकाया राशि रोकने और वित्त आयोग के आवंटन में राज्य के हिस्से को कम करने का भी आरोप लगाया, जिससे कर्नाटक की विकास प्राथमिकताओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
श्री सुरेजवाला ने कहा, “यह हमारा कर्तव्य है और श्री सिद्धारमैया और श्री डीके शिवकुमार की संवैधानिक और नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वे दिल्ली जाएँ और भारत सरकार के सामने सच्चाई रखें। वे वहाँ अपने लिए नहीं, बल्कि कर्नाटक के आठ करोड़ लोगों के लिए बोलने आए हैं।”
