
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शासनकाल में विरोधियों और असंतुष्टों का रहस्यमय अंत; वैगनर प्रमुख की मौत से लेकर नवलनी की जेल में मृत्यु तक, एक पैटर्न जो उठाता है सवाल।
मॉस्को, 9 जुलाई, 2025 (नवभारत): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दो दशकों से अधिक के शासनकाल में, जिसने भी उनके खिलाफ आवाज उठाई या उन्हें चुनौती देने की कोशिश की, उसे अक्सर एक दुखद और रहस्यमय अंजाम का सामना करना पड़ा है। आलोचकों और असंतुष्टों की एक लंबी सूची है जो या तो मारे गए, जहर दिए गए, जेल में बंद हुए, या अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए। यह पैटर्न दुनियाभर में पुतिन के सत्तावादी शासन पर सवाल उठाता है।
हाल के वर्षों में सबसे प्रमुख मामलों में से एक वैगनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन का है। पिछले साल जून में रूस में एक अल्पकालिक सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व करने के ठीक दो महीने बाद, अगस्त में उनकी विमान दुर्घटना में रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी। प्रिगोझिन ने पुतिन के नेतृत्व को सीधे चुनौती दी थी और उन्हें गद्दार तक कहा था, जिसके बाद उनकी मौत को व्यापक रूप से एक प्रतिशोध के रूप में देखा गया। इसी तरह, विपक्ष के सबसे प्रमुख नेता एलेक्सी नवलनी का भी इस साल फरवरी में आर्कटिक जेल कॉलोनी में निधन हो गया, जहाँ वह धोखाधड़ी और चरमपंथ के आरोपों में लंबी सजा काट रहे थे। नवलनी को 2020 में नोविचोक नर्व एजेंट से जहर दिया गया था, जिसके लिए उन्होंने सीधे क्रेमलिन को जिम्मेदार ठहराया था। उनकी मौत को कई पश्चिमी देशों ने एक हत्या के रूप में देखा और रूस पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
लंबी है विरोधियों के रहस्यमय अंत की सूची, आलोचक उठाते हैं सवाल
प्रिगोझिन और नवलनी के अलावा, पुतिन के कई अन्य ज्ञात आलोचक और प्रतिद्वंद्वी भी इसी तरह की किस्मत का सामना कर चुके हैं।
2006 में पूर्व केजीबी एजेंट अलेक्जेंडर लिट्विनेंको को लंदन में पोलोनियम से जहर दिया गया था। 2009 में मानवाधिकार कार्यकर्ता नतालिया एस्टेमीरोवा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी। 2015 में विपक्ष के नेता बोरिस नेमत्सोव को क्रेमलिन के पास ही गोली मार दी गई थी। इन सभी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ाई हैं और रूस में राजनीतिक असंतोष को दबाने के लिए सरकार द्वारा अपनाई जा रही कठोर रणनीति पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि ये मौतें और गिरफ्तारियां एक चेतावनी के रूप में काम करती हैं कि पुतिन के शासन के खिलाफ किसी भी तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है, और इसका परिणाम गंभीर हो सकता है।
