तेहरान 07 जुलाई (वार्ता) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध के बाद रविवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आये, जिस पर मीडिया और राजनेताओं की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आयी है। देश के भीतर और बाहर कई लोगों ने हालांकि इस पर नुक्ताचीनी की है।
ईरान इंटरनेशनल समाचार चैनल के अनुसार पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने देश के सर्वोच्च नेता की तारीफ की, जो पांच जुलाई की रात एक धार्मिक समारोह में सामने आये, वह 10 जून से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिये थे।
उन्होंने कहा, “ पारंपरिक सार्वजनिक सभा में अली खामेनेई की निर्भीक उपस्थिति ने उन भ्रामक खबरों पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया, जो निहित स्वार्थ के लिए झूठी खबरें फैला रहे थे। अब समय आ गया है कि हम जागें और स्वीकार करें कि ईरानी कभी आत्मसमर्पण नहीं करते। ”
विदेश मंत्री अब्बास अराग्ची ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए पहुंचने पर श्री खामेनई के सामने आने को एक खुशनुमा एहसास बताया और कहा, “ ब्राजील पहुंचने पर मैंने देखी सबसे सुंदर छवि। आपके साथ, कोई समुद्र भी पार कर सकता है।”
श्री खामेनेई के कार्यालय के एक सदस्य मेहदी फेजैली ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “शोक हॉल में एकदम से तेज शोर हुआ”, आशूरा के अवसर पर आयोजित शोक समारोह में देश के सर्वोच्च नेता के सामने आने पर भीड़ की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इसको लेकर कुछ लोगों की भावना हालांकि बेहद नकारात्मक रही, कुछ ने तो उन्हें ‘देश में मौत और विनाश के सौदागर’ की संज्ञा देते हुये कहा कि वह ‘बेशर्मी’ से फिर सामने आये।
ईरानी नोबेल पुरस्कार विजेता और वकील शिरीन एबादी ने अपने टेलीग्राम पेज पर श्री खामेनेई की आलोचना करते हुए कहा कि जब वह अपने छिपने के स्थान से बाहर निकले, तो ईरानी जनता, जिसे इजरायली बमबारी से कोई आश्रय नहीं मिला था, शोक में डूबी रही।
श्री एबादी ने कहा, “इतिहास उन्हें सद्दाम हुसैन, गद्दाफी और मुबारक जैसे ही तानाशाह के रूप में याद रखेगा।”

