इंदौर: शहर में बिछाई गई सीवरेज लाईन से उठने वाली समस्यां का निदान ही नहीं हो पा रहा है. कुछ क्षेत्र ऊंचे हैं तो कहीं नीचे, जिन्हें नगर निगम के वरिष्ठ अभियंता नहीं समझ पाए या फिर अनदेखी की गई. यह भी हो सकता है कि अनुभव का अभाव ही रहा हो लेकिन समस्या तो लोगों के लिए बनी हुई है जिसका खमयाज़ा क्षेत्र वासियों का भुगताना पड़ रहा है.
एक बार फिर वार्ड क्रमांक 40 में समस्या देखने को मिली है. वार्ड के कई क्षेत्रों में सीवरेज से होने वाली परेशानियों से लोग घिर चुके हंै. बरसात में तो लोगों के लिए मुसीबतें और बढ़ जाती हैं. वार्ड के सोराब कॉलोनी, कॉलेज कॉलोनी, शहंशाह ऐ मावला कॉलोनी का चक्कर लगाने पर देखा गया है कि सीवरेज के चेंबरों से निकलने वाली गंदगी घरों के आगे इतनी ज़्यादा फैली हुई है कि मानों लगता है कि बरसात का कीचड़ जमा हो.
इसी क्षेत्र के आस-पास कुछ ऊंचे क्षेत्र है जहां से सीवरेज का बहाव अधिक है. कॉलेज कॉलोनी क्षेत्र की सीवरेज लाइन आकार में छोटी है जिससे चेंबर ओवर फ्लो होकर सड़कों और घरों के आगे बहता है. यहा समस्यां पिछले कई वर्षो से क्षेत्र में बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र में सीवरेज कार्य कई वर्ष पहले किया गया था.
इनका कहना है…
तीस वर्ष पुरानी कॉलोनी है. कई बार चुनाव आए और समस्या ख़त्म करने के वादे किए गए लेकिन आज तक विकास के नाम पर कोई काम नहीं किया गया. न ही किसी ने आकर झांका.
आशिक अली
घरों की देहलीज पर ही नाला बन चुका है. चारों तरफ मुसीबतें है. सड़कों पर नाले सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है. इससे बच्चे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे है.
मोहम्मद शाहिद
आते-जाते लोग गिरते है. बाहर जाने का दूसरा रास्ता नहीं है. गंदगी से निकलने को लोग मजबूर है. बच्चे तो बाहर खेल भी नहीं सकते. दरवाजे के बाहर पैर रखो, सीधे गंदगी में जाता है.
मुबारिक खान
लाइन चेक कर करवाएंगे सुधार
मेरे कार्यकाल से पहले ही क्षेत्र में सीवरेज लाईन का कार्य हो चुका था. लाइन में कहां दिक्कत आ रही है. यहां चेक कर सुधारीकरण किया जाएगा ताकि रहवासियों को असुविधा न हो.
पुष्पेंद्र पाटिदार पार्षद
